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Minjar Fair 2022: ऐतिहासिक मिंजर मेले का आगाज, ढोल की थाप निकाली गई भव्य शोभायात्रा

Sun, 24 Jul 2022 07:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा

सार

मिर्जा परिवार के मुखिया एजाज मिर्जा ने अपने हाथों से बनाई मिंजर को लक्ष्मीनारायण मंदिर में अर्पित कर परंपरा का निर्वहन किया।
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मिंजर मेले का आगाज। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सालों पुरानी परंपरा के साथ सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक चंबा का ऐतिहासिक मिंजर मेला रविवार को शुरू हुआ। कोरोना महामारी के चलते दो साल बाद बैंड-बाजे के साथ ऐतिहासिक मिंजर मेले का आगाज हुआ। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चंबा के पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार गायन के बीच ध्वजारोहण कर मिंजर मेले का शुभारंभ किया।

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कोरोना के चलते दो साल तक मेले की महज रस्म अदायगी ही की गई। 31 जुलाई को मेले का समापन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुुर करेंगे। रविवार को मिर्जा परिवार के मुखिया एजाज मिर्जा ने अपने हाथों से बनाई मिंजर को लक्ष्मीनारायण मंदिर में अर्पित कर परंपरा का निर्वहन किया। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग सदियों से ऐतिहासिक मेले को मनाते आ रहे हैं। 

मिर्जा परिवार, मंदिर के पुजारी, जिला प्रशासन और नगर परिषद चंबा के पदाधिकारियों ने शहर के मंदिरों की पूजा-अर्चना और मिंजर अर्पित करने के बाद चौगान मैदान तक शोभायात्रा निकाली। मेले का शुभारंभ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने किया। नगर परिषद प्रांगण से लक्ष्मीनारायण, रघुवीर को मिंजर अर्पित करने के लिए शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े की थाप पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों के कलाकार थिरकते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए।
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मुस्लिम परिवार के सदस्य एजाज मिर्जा ने भगवान लक्ष्मीनारायण को मिंजर अर्पित की। लक्ष्मीनारायण मंदिर में कुजड़ी मल्हार कार्यक्रम की कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इसके बाद शोभायात्रा भगवान रघुनाथ को मिंजर अर्पित करने के लिए रवाना हुई। 

शोभायात्रा में एजाज मिर्जा, सदर विधायक पवन नैयर, नप अध्यक्ष नीलम नैयर, उपाध्यक्ष सीमा कश्यप सहित नप चंबा का स्टाफ, एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन सहित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

मिंजर मेले की अपनी अलग पहचान : आर्लेकर
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि प्रदेश का गौरवशाली इतिहास और समृद्ध लोक परंपराएं प्रदेश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कहा कि ऐतिहासिक मिंजर मेले की अपनी अलग पहचान है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन में आधुनिकता के उचित समावेश पर बल दिया। कहा कि उन्हें पहली बार चंबा आने का मौका मिला है। चंबा की समृद्ध लोक संस्कृति है। इसे पुरातन समय से लोगों की ओर से सहेजा जा रहा है।

उन्होंने  लोगों से आह्वान किया कि स्थानीय पारंपरिक लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को वे इसी तरह संरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि चंबा चप्पल और चंबा रुमाल को भौगोलिक संकेत (जीआई टैग) मिलने से चंबा को प्रसिद्धि मिल रही है। ऐतिहासिक मिंजर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा देने को लेकर सरकार प्रयास कर रही है। इससे पूर्व राज्यपाल ने विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्थाओं की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने राज्यपाल को मिंजर भेंट की। मिंजर मेला आयोजन समिति से उपायुक्त एवं अध्यक्ष डीसी राणा ने राज्यपाल को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि चंबा और प्रदेश के अन्य जिलों के कलाकारों को भी 8 दिन तक चलने वाली सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुतियां देने का मौका मिलेगा। खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी शुभारंभ हुआ।

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