प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में पहली बार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलने वाली है। सीयू में हर साल 5,000 से 7,000 छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के विद्यार्थियों को अपने ही प्रदेश में पहली बार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलने वाली है। सीयू में हर साल 5,000 से 7,000 छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। विवि प्रबंधन ने अगले साल जनवरी से शुरुआती दौर में 10 ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की तैयारी कर ली है। छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होंगी।
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विवि एक सर्वे करेगा। इसमें पता लगाया जाएगा कि रोजगार के नजरिये से छात्रों को आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे और कौन से कोर्स करने चाहिएं। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के लिए कुलपति सत प्रकाश बंसल ने दिल्ली जाकर यूजीसी के अधिकारियों से बैठक की है।
यूजीसी के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो से मंजूरी मिलते ही जनवरी में यहां ऑनलाइन कोर्स शुरू हो जाएंगे। शुरुआती दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मार्केटिंग समेत 10 कोर्स शुरू होंगे। यह कोर्स एक, दो और तीन साल तक के होंगे।
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विदेशी छात्र भी ले सकेंगे प्रवेश
इस ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ दुनिया भर के छात्र उठा सकेंगे। विदेशी छात्र ऑनलाइन कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। इस पहल से प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या से पार पाने में राहत मिलेगी। इससे केंद्रीय विवि का राजस्व भी बढ़ेगा। बेरोजगार युवाओं को नौकरियां भी मिलेंगी। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समेत प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स शुरू करने के लिए पात्र नहीं है।
हिमाचल के किसी भी विश्वविद्यालय को नैक से ए प्लस ग्रेड नहीं मिला है। नैक से ए प्लस ग्रेड मिलने के बाद सीयू में ऑनलाइन कोर्स शुरू करने के लिए पात्र हो गया है। दिल्ली में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकें हुई हैं। कोशिश है कि जनवरी से 10 ऑनलाइन कोर्स शुरू हो जाएं। इससे केंद्रीय विवि का राजस्व बढ़ने के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को राेजगार भी मिलेगा। - सत प्रकाश बंसल, कुलपति, सीयू