मंत्रिमंडल बैठक में कांग्रेस सरकार के समय लिए गए कई फैसलों को समीक्षा के लिए ले जाया गया, लेकिन शिक्षा महकमे के प्रस्ताव में पूरे आंकड़े नहीं होने से इन पर फैसला नहीं हो सका।
बताया जा रहा है कि बैठक में बिना बजट प्रावधान अपग्रेड किए गए 127 स्कूलों, अप्रैल 2017 के बाद खुले 16 कॉलेजों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की कम संख्या वाले स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज करने, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र से स्मार्ट वर्दी देने, 97 एजूकेशन ब्लाकाें में म्यूजिक
विषय के प्रवक्ता नियुक्त करने और नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के मामले को लेकर चर्चा नहीं हो सकी। अपग्रेड किए गए 127 स्कूलों के प्रस्ताव को लेकर बैठक में पेच फंस गया। इसकी भेंट अन्य सभी प्रस्ताव भी चढ़ गए।
प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षकों और जेबीटी की भर्ती पर भी बैठक में फैसला होना संभावित था, लेकिन कोई चर्चा नहीं हुई। संभावना है कि अगली कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग दोबारा प्रस्ताव भेजेगा।