पुख्ता सूत्रों के मुताबिक जुलाई 2017 में बतौर एसपी ज्वाइन करने वाले गांधी के तबादले में पूरी तरह से खनन माफिया का हाथ है। इस बात की पुष्टि अमर उजाला के पास मौजूद उन खतों से भी होती है, जिनमें खनन के पूरे खेल की रिपोर्ट परत दर परत पेश की गई थी।
खनन माफिया के खिलाफ पूर्व एसपी की तरह ही सक्रिय नवनियुक्त एसपी दिवाकर शर्मा भी अब अवैध खनन कारोबारियों की नजर में हैं। गश्त पर निकले एसपी दिवाकर शर्मा की गाड़ी का खनन से जुड़े लोगों द्वारा पीछा करना माफिया की सक्रियता की पुष्टि करता है। बहरहाल, जिला में यह गोरखधंधा कई सालों से फल-फूल रहा है।
खनन माफिया का करेंगे सफाया : दिवाकर
जिला पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने कहा कि पुलिस खनन माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। आधी रात को भी दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व एसपी ने अगर किसी तरह के सुझाव या इनपुट दिए हैं तो पुलिस उस पर भी काम करेगी।