मुख्यमंत्री से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद प्रदेश में सियासी घमासान के बीच अचानक बुलाई कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों ने वीरभद्र सिंह के नेतृत्व पर आस्था जताई है। पूरा मंत्रिमंडल एक बार फिर से उनके समर्थन में खड़ा हो गया। सचिवालय में सोमवार सुबह नौ बजे हुई बैठक में इसी सिंगल एजेंडे पर चर्चा हुई। विपक्ष के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री के समर्थन में प्रस्ताव भी पारित किया गया।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आधा घंटा चली कैबिनेट की बैठक में विद्या स्टोक्स, जीएस बाली, सुधीर शर्मा, ठाकुर सिंह भरमौरी, सुजान सिंह पठानिया, कर्ण सिंह, धनी राम शांडिल, अनिल शर्मा और प्रकाश चौधरी मौजूद रहे। कौल सिंह ठाकुर पहले से ही चंडीगढ़ में होने और मुकेश अग्निहोत्री विदेश दौरे के चलते बैठक में शामिल नहीं हो पाए।
बैठक में सिंगल एजेंडे पर सीएम से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद पैदा हुए हालात पर चर्चा की गई। इसके बाद सभी मौजूद मंत्रियों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें पूरा समर्थन दिया। बैठक के बाद सीएम बिलासपुर के लिए रवाना हो गए।
इसके बाद सभी मंत्रियों ने परिवहन मंत्री बाली के कमरे में बैठक की। सभी मंत्रियों ने मीडिया के सामने भी वीरभद्र के नेतृत्व पर भरोसा जताया और भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। कहा कि जो मामला कोर्ट में है उस पर बयानबाजी कर विपक्ष सरकार और सीएम वीरभद्र को बदनाम करने का असफल प्रयास कर रहा है।