शिक्षा विभाग में 150 करोड़ से अधिक राशि के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच विजिलेंस ब्यूरो या किसी अन्य एजेंसी को देने पर वीरवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस बाबत आगामी फैसला लेने की बात कही है।
सूत्रों के मुताबिक विभागीय अधिकारियों ने बैठक के दौरान इस मामले से कैबिनेट को अवगत कराया। मंत्रियों के कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
उधर, प्रदेश के दस कॉलेजों में खोले जाने वाले उत्कृष्ट दक्षता केंद्र खोलने वाली योजना की भी कैबिनेट में प्रस्तुति नहीं हो सकी। मुख्य सचिव के पास देरी से शिक्षा विभाग के एजेंडे पहुंचने के चलते वीरवार को हुई बैठक में शिक्षा विभाग की किसी भी योजना पर चर्चा नहीं हुई।