वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 3400 से अधिक प्राथमिक सहायक शिक्षकों (पैट) को मानेदय वृद्धि देने का मामला फिर फंस गया है। मंगलवार को वित्त महकमे से मामले की फाइल शिक्षा विभाग के पास वापस नहीं आई।
इसके चलते बुधवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले को लेकर चर्चा नहीं होगी। शिक्षकों का मानदेय बढ़ने की जगह घटने की फाइल को शिक्षा विभाग ने वित्त और विधि विभाग में राय लेने के लिए भेजा है।
जयराम सरकार ने आठ मार्च को अधिसूचना जारी करते हुए पैट को न्यूनतम पे बैंड, ग्रेड पे और 144 फीसदी महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। सरकार की इस अधिसूचना से शिक्षकों का मानदेय पहले के मुकाबले घट गया था।
शिक्षकों ने मामला सरकार के ध्यान में लाया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते सरकार फैसला नहीं ले सकी। अब कैबिनेट में मामला ले जाने से पहले शिक्षा विभाग ने वित्त और विधि विभाग से इसको लेकर कमेंट मांगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक दोनों विभाग की रिपोर्ट अभी तक शिक्षा विभाग को नहीं मिली है। नियमित जेबीटी के बराबर 10300 बेसिक और 4200 ग्रेड पे के बराबर मानदेय देने की पैट मांग कर रहे हैं।