हिमाचल में करीब साढ़े सात माह बाद दो नवंबर से स्कूल और कॉलेजों में नियमित कक्षाएं लगाने की प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। नौवीं से 12वीं कक्षा और कॉलेजों में प्रथम, द्वितीय और अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को अभिभावकों के सहमति पत्र पर नियमित कक्षाएं लगाने के लिए प्रवेश मिलेगा। शिक्षण संस्थानों में आने की विद्यार्थियों पर न अनिवार्यता होगी, न हाजिरी लगेगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। पहली से आठवीं कक्षा के स्कूल अभी भी बंद रहेंगे। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में प्रथम और द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले करीब 60 हजार विद्यार्थियों को सरकार ने बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का फैसला लिया है।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने केंद्र के एसओपी को लागू किया है। कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि बीते दिनों हुई ई-पीटीएम में अधिकांश अभिभावकों और विद्यार्थियों ने नियमित कक्षाएं शुरू करने की पैरवी की थी। माइक्रो प्लान भी तैयार किए हैं। इन सभी पर विचार के बाद सरकार ने दो नवंबर से स्कूल खोलने का फैसला लिया है। कोरोना की चपेट में न आने की जिम्मेवारी कोई नहीं ले सकता है, इसके चलते ही अभिभावकों के सहमति पत्र की शर्त रखी है।
विद्यार्थियों को प्रमोट करने का तरीका
उधर प्रमोट विद्यार्थियों की बीते साल की परीक्षा के 50 फीसदी अंकों, वर्तमान सत्र की आंतरिक परीक्षा के 30 फीसदी और शिक्षकों की असेसमेंट के 20 फीसदी अंकों के आधार पर कुल अंक दिए जाएंगे। अगर कोई विद्यार्थी इन अंकों से नाखुश रहता है तो वह अगले साल पुरानी कक्षा की परीक्षाएं देकर अपने अंक सुधार कर सकता है।
शहीद की बहन को जेओए की नौकरी
3 अगस्त 2017 को आतंकी मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए लाहौल स्पीति निवासी तंजिन छुलटिम की बहन तंजिन डोलकर को डीएफओ लाहौल स्पीति के कार्यालय में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद पर नियुक्ति प्रदान करने की मंजूरी भी दी गई है।