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हिमाचल: शीत सत्र स्थगित होने से बढ़ी मंत्री पद के दावेदार विधायकों की धुकधुकी

Tue, 20 Dec 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री के कोरोना संक्रमित होने से शीत सत्र के साथ मंत्रिमंडल गठन भी कुछ और दिनों के लिए टल गया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीत सत्र स्थगित होने से मंत्री पद के दावेदार विधायकों की धुकधुकी बढ़ गई है। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी कुछ और दिन के लिए टल गई है। शीत सत्र समाप्त होने के बाद 24 या 25 दिसंबर को सुक्खू सरकार का मंत्रिमंडल गठन संभावित था। अब मुख्यमंत्री के कोरोना संक्रमित होने से सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं।

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11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को राजधानी शिमला के रिज मैदान पर शपथ दिलाई गई थी। इस दौरान कुछ दिन के भीतर मंत्रिमंडल गठन की बात कही गई थी। भारत जोड़ो यात्रा के लिए राजस्थान जाते समय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा के शीत सत्र के बाद मंत्री बनाने का बयान दिया। 22 से 24 दिसंबर तक शीत सत्र धर्मशाला में प्रस्तावित था।

बीते दिनों पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ दिल्ली में कई दौर की बैठकें करने के बाद मंत्रियों के नाम लगभग तय हो गए हैं। अब मुख्यमंत्री के कोरोना संक्रमित होने से शीत सत्र के साथ मंत्रिमंडल गठन भी कुछ और दिनों के लिए टल गया है। अधिकांश कांग्रेस विधायक दिल्ली से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच गए हैं। विधायकों का 21 दिसंबर की सुबह धर्मशाला पहुंचने का कार्यक्रम था। 23 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष को चुना जाना था।
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अध्यक्ष के चयन से मंत्रिमंडल के गठन का स्वरूप स्पष्ट होना था। अब बदली परिस्थितियों ने मंत्री पद के दावेदार विधायकों का इंतजार और बढ़ा दिया है। मंत्री बनने के लिए विधायकों को अब दिसंबर के आखिरी सप्ताह या जनवरी 2023 के पहले सप्ताह तक रुकना पड़ेगा। 

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