हमीरपुर में जातीय फैक्टर को साधने के लिए मेहनत कर रहे दोनों दल
हमीरपुर हलके में जातीय फैक्टर साधने में दोनों ही दल जुटे हैं। आशीष शर्मा के समर्थक यहां ब्राह्मणों का ध्रुवीकरण करना चाह रहे हैं। हमीरपुर से कांग्रेस में अब किसी ब्राह्मण नेता के न होने का तर्क दे रहे हैं। दूसरी ओर डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा राजपूतों को अपने पक्ष में करने पर ध्यान दे रहे हैं। यहां दोनों ही जातियों की जनसंख्या करीब 65 फीसदी है। इनमें ब्राह्मण और राजपूतों की प्रतिशतता बराबर-बराबर ही है। अनुसूचित जाति यहां करीब 25 फीसदी और ओबीसी सात प्रतिशत हैं तो इन वर्गों को साधने पर भी ध्यान है। सुक्खू का गृह जिला होने के कारण कांग्रेस इस फैक्टर को भी भुना रही है। भाजपा प्रत्याशी के पास यहां से सीएम होने के बावजूद हमीरपुर की अनदेखी का मुद्दा है।
नालागढ़ में भाजपा को धरतीपुत्र के नारे, कांग्रेस को भाजपा की गुटबाजी से उम्मीद
नालागढ़ में हरिनारायण सैणी के भतीजे हरप्रीत ने कांग्रेस और भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश की है। हरिनारायण का यह परंपरागत गढ़ रहा है। यहां पर भाजपा का टिकट लेने वाले निर्दलीय केएल ठाकुर के सामने इंटक के प्रदेशाध्यक्ष रहे हरदीप सिंह बावा हैं। भाजपा ने यहां पर लखविंद्र राणा को टिकट न देने के बाद मनाने का संदेश जरूर दिया है, पर हरप्रीत ने मुकाबला तिकोना बना दिया है। हरदीप पर पिछले चुनाव में भी धरतीपुत्र न होने का भाजपा का उठाया मुद्दा भारी पड़ा था, मगर इस बार उनके समर्थकों की एक उम्मीद भाजपा का भितरघात और गुटबाजी है।