इसके अलावा केंद्र सरकार ने बाह्य वित्तपोषित याेजनाओं के लिए अनुदान जारी करने में भी सीलिंग लगा दी है। साल भर पहले लगाई सीलिंग के अनुसार तीन वर्षाें के लिए केंद्र सरकार 3,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज नहीं ले पाएगी। इसका प्रभाव भी विश्व बैंक, एडीबी और विदेशी या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से वित्तपोषित कई योजनाओं पर नजर आएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बार-बार जिस वित्तीय अनुशासन की बात दोहरा रहे हैं, उसे अगला बजट तैयार करते हुए अधिकारी ध्यान में रखे हैं। इसका प्रभाव ऐसी तमाम योजनाओं के बजट को घटाने के रूप में दिख सकता है, जिनसे संबंधित बजट में केंद्र ने भी कटौती की है या जिससे राजस्व घाटा बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री अगले बजट के योजना आकार को तय करने के लिए नवंबर में बैठक बुला सकते हैं।