फिलहाल, भाजपा ने इस बारे में प्रदेश विधानसभा सचिवालय को अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इसीलिए उनकी सीट भाजपा विधायकों के बीच में वरिष्ठता के हिसाब से तय की गई है। अगर उनकी बतौर भाजपा सदस्य सदस्यता रद्द की जाती है तो उन्हें निर्दलीय विधायकों के बीच बैठाया जा सकता है।
अनिल बोले, मुझे किसी भी फैसले की जानकारी नहीं
अनिल शर्मा ने कहा कि भाजपा ने उनके बारे में क्या फैसला लिया है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यह सही है कि उन्होंने भाजपा की नए सिरे से सदस्यता के लिए भी आवेदन नहीं किया है। इसकी वजह यह है कि उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि उनके बारे में जो भी फैसला लेना है, वह पार्टी ही लेगी। अभी तक मुझे भाजपा विधायक दल की बैठक में जाने का भी न्योता नहीं मिला है।
यह है विवाद
बेटे आश्रय शर्मा को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा के पक्ष में प्रचार में जाने से इंकार कर दिया था। उन्होंने मंत्री पद भी छोड़ दिया था। इसके बाद से माना जा रहा है कि उन पर भाजपा अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।