हिमाचल प्रदेश भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश चौजड़ कहा कि जरूरी सेवाओं में कार्यरत व्यापारियों को छोड़कर बाकी सभी व्यापारिक संस्थान बंद हैं। सभी व्यापारियों ने कोरोना काल में पूरा सहयोग दिया है। दुकानें बंद होने से व्यापारियों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है।
हिमाचल प्रदेश भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला और व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा की। सीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रकोष्ठ ने मांग की कि अगर कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जाता है तो व्यापारिक संस्थान शाम पांच बजे तक खोलने की अनुमति दी जाए। जिला प्रशासन से राय लेकर सरकार सभी दुकानें खोलने की अनुमति दे सकती है। हफ्ते में पांच दिन कार्य करने की अनुमति दी जाए।
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शनिवार और रविवार को सभी दुकानें बंद रह सकती हैं। कोरोना कर्फ्यू तक ऑड-ईवन और हिल साइड-वैली साइड या सभी बाजार खोले जाएं। इससे व्यापारिक संस्थाओं में कार्य कर रहे लोगों का रोजगार भी नहीं जाएगा। व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान नहीं होगा।
प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश चौजड़ ने की। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, पार्षद संजीव ठाकुर, राम बाजार से दीपक श्रीधर, लोअर बाजार से नवीन सूद, चौड़ा मैदान से शिशु और राजकुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। मीडिया से बातचीत में रमेश चौजड़ ने कहा कि जरूरी सेवाओं में कार्यरत व्यापारियों को छोड़कर बाकी सभी व्यापारिक संस्थान बंद हैं।
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सभी व्यापारियों ने कोरोना काल में पूरा सहयोग दिया है। दुकानें बंद होने से व्यापारियों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों के ऑनलाइन कार्यभार में पाबंदी न होने से प्रदेश में छोटे और मझौले कारोबारियों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यापारियों ने बैंकों से कर्ज लिया होता है, लेकिन कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियों के कारण व्यापारियों की आर्थिकी पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है। व्यापारी बैंक की ईएमआई का भुगतान करने की हालत में नहीं हैं। इसलिए ईएमआई देने के लिए व्यापारियों को तीन महीने का वक्त दिया जाए।