हिमाचल भाजपा अध्यक्ष ने सतपाल सत्ती ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर दिग्गजों की हार के कारणों का खुलासा किया। साथ ही भाजपा के सीएम चेहरे को लेकर जानकारी दी।
भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल सहित कई कद्दावर नेताओं की हार में भितरघात की गुंजाइश से प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इंकार किया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को सरकार में आने की खुशी के बीच कुछ गम भी मिले हैं।
सबसे बड़ा दुख सीएम पद के नेता प्रेम कुमार धूमल के हारने का है। शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा, हार में किसी ने भितरघात नहीं किया है। जो हारे हैं, शायद भगवान को यही मंजूर था।
मुख्यमंत्री चेहरे पर अध्यक्ष सत्ती ने कहा कि पर्यवेक्षक कोर कमेटी और वरिष्ठ विधायकों की राय जान कर लौट चुके हैं। अब संसदीय बोर्ड में निर्णय के बाद अवगत करवाया जाएगा। सत्ती ने कहा कि रिटायर्ड और टायर्ड लोग घर में ही रहे यह अच्छा है।
सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे मोदी
उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बार रिकॉर्ड मत प्रतिशत मिला है। जीएसटी को कांग्रेस के मुद्दा बनाने का कोई असर नहीं दिखा। जिला मुख्यालय वाली का कोई असर मतदान पर नहीं दिखा। हार के कई कारण हैं और हर हलके में अलग-अलग कारण हैं।
उन्होंने कहा कि जहां तक शहरी सीटों में से आठ पर भाजपा जीती है। सीएम के चेहर को लेकर सत्ती ने कहा कि एक या दो दिन में सीएम का एलान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शिमला के रिज में भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा।
इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी बीजेपी शासित राज्यों के सीएम भी बुलाए जाएंगे। साथ ही पांच गठबंधन राज्यों के सीएम भी समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान सुरेश भारद्वाज, राजीव बिंदल, चंद्र मोहन ठाकुर और महेंद्र धर्माणी समेत कई नेता मौजूद थे।
दलित वोटर हमारी तरफ
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 17 सीटों से 13 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। दलित मतदाताओं ने भाजपा में विश्वास दिखाया है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में हमें उनसे समर्थन मिला है। इसके अलावा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की तीन से दो सीटें हमने जीती हैं।
भितरघात के 60 मामले आए
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मंडलों के स्तर से लगभग 60 मामले चुनाव में भितरघात के प्रदेश को मिले हैं। मंडलों के स्तर से जिन लोगों को निष्कासित किया उसे प्रदेश संगठन ने निरस्त कर दिया है। यह निर्णय अनुशासन समिति का होता है, जिसके बाद कोई कार्रवाई होती है।