शिमला में जेपी नड्डा का रोड शो (फाइल)
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हिमाचल प्रदेश का भाजपा संगठन चुनावी साल में अपनी कमजोरियां दुरुस्त करने के बजाय नजरअंदाज कर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की पीटरहॉफ शिमला के मैदान में हुई जनसभा में कुर्सियां खाली रखने के लिए जिम्मेवार पदाधिकारियों के खिलाफ प्रदेश भाजपा संगठन ने नरमी दिखाई है। संगठन नेतृत्व रैली में पर्याप्त भीड़ नहीं जुटा पाने वाले जिला और मंडल पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय इस पर परदा डालने में लगा हुआ है, जबकि संगठन नेताओें के पास रैली स्थल के वीडियो और फोटो तक उपलब्ध हैं।
चुनावी वर्ष में शिमला के पीटरहॉफ में नौ अप्रैल का नड्डा का रोड शो और उसके बाद उनकी जनसभा प्रदेश भाजपा के लिए अहम थी। चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में जीत का परचम लहराकर जगत प्रकाश नड्डा का कद और बढ़ा तो इसके बाद नवरात्र पर पहली बार वह हिमाचल आए। दुर्गाष्टमी के दिन उनके स्वागत में शिमला में रोड शो था। इसमें उन्होंने मिशन रिपीट के लिए चुनावी हुंकार भरी। प्रदेश विधानसभा के गेट से लेकर पीटरहॉफ के द्वार तक उनके स्वागत के लिए कई द्वार सजाए गए। रोड शो में अच्छी भीड़ थी, मगर रैली स्थल तक पहुंचते-पहुंचते यह छंटने लगी। इसका नतीजा यह हुआ कि पीटरहॉफ के मैदान में लगाई बहुत सी कुर्सियां खाली रहीं। नड्डा के भाषण के दौरान भी पिछली कई कुर्सियां नहीं भर पाईं, जबकि यह बहुत बड़ा रैली स्थल भी नहीं है।
उपचुनाव में जो मंत्री, विधायक लीड नहीं दिला पाए, उनके लिए भी दिखाई नरमी
- हिमाचल भाजपा को लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इन उपचुनाव में कई मंत्री और विधायक अपने क्षेत्रों से पार्टी को लीड नहीं दिला पाए। चुनाव प्रभारी मंत्री भी भाजपा को जिताने में नाकाम रहे। भाजपा लोकसभा की मंडी, विधानसभा की अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई सीटें हार गई तो कई दिनों तक चर्चा रही कि कुछ मंत्रियों पर भी गात गिरेगी, मगर अब सब भुला-बिसरा दिया गया है।
कार्यक्रम बहुत अच्छा हुआ था। मैं खुद वहां पर मौजूद था। रोड शो और जनसभा भी वहां पर अच्छी हुई। बैठकें भी बहुत अच्छी हुईं। कार्रवाई करने की कोई अपेक्षा नहीं है। बात का बतंगड़ नहीं बनाया जाना ठीक नहीं है।- संजय टंडन, सह प्रभारी, हिमाचल प्रदेश भाजपा।