हरियाणा में भाजपा की जीत में हिमाचल ने भी पसीना बहाया है। हिमाचल भाजपा के कई नेताओं ने पड़ोसी राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए डटकर प्रचार किया।
धूमल, बिंदल, अनुराग सहित कई नेताओं ने खूब दमखम दिखाया। भाजपा के इन नेताओं के पास पांच जिलों के प्रचार की जिम्मेदारी रही। ये जिले पंचकूला, अंबाला, कैथल, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र थे।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल लगातार अंबाला और अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान में जुटे रहे। डा. राजीव बिंदल को तो पांच जिलों की चुनाव की प्रचार और प्रचार समिति का प्रभार दिया गया था।
डा. बिंदल लंबे समय से वहां प्रचार में डटे रहे। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हमीरपुर के भाजपा सांसद ने लगभग हर लोकसभा क्षेत्र में जाकर रैलियां कीं।
इनके अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी हिमाचल से सटे हरियाणा के विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में लगातार प्रचार में संलग्न रहे।
इन्होंने भी संभाली भाजपा की कमान
पंचकूला जिले में पुरुषोत्तम गुलेरिया को मीडिया इंचार्ज बनाया गया। महिला मोर्चा हिमाचल की अध्यक्ष रितू सेठी को इस जिले की जिम्मेवारी दी गई। पंचकूला में राजीव सैजल, कालका में बलदेव भंडारी, केएल ठाकुर सक्रिय रहे।
अंबाला जिले की जिम्मेवारी संजीव कटवाल के पास रही। अंबाला शहर में सुमित शर्मा, दुर्गानगर में बृज लाल, मथेडी में बृज लाल, अंबाला कैंट में सुभाष शर्मा, मुलाणा में हुक्म चंद शर्मा, बराडा में रोशन ठाकुर, नारायण गढ़ में विनय गुप्ता, यमुनानगर जिले में शिशु भाई धर्मा, यमुनानगर में अमर ठाकुर और जगाधरी में चौधरी सुखराम को प्रचार दायित्व दिया गया। थल का जिम्मा सूरत नेगी और कुरुक्षेत्र का जिम्मा राकेश शर्मा के पास रहा।
राजनीति में यह सकारात्मक बदलाव
भाजपा सांसद ने कहा कि यह सुखद ट्रेंड है। भारत की राजनीति में यह एक सकारात्मक बदलाव है। पहले जनता ने केंद्र मेें भाजपा को विजयी घोषित किया। अब प्रदेशों में भी भाजपा लगातार मजबूत हो रही है। हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत ने यही संकेत दिए है। लोगों को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की इस सरकार पर भरोसा है।