भाजपा प्रदेश अल्पसंख्यक नेता एवं पूर्व महामंत्री बिलाल अहमद शाह ने कहा कि नागरिकता बिल पर कुछ भारत विरोधी राजनीतिक पार्टियां देश की जनता को गुमराह कर भ्रमित कर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही हैं। कुछ देश विरोधी तत्व लोगों में इस बारे में गलत अफवाहें फैलाकर देश में अस्थिरता पैदा करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
जो देश हित के फैसले धारा 370, तीन तलाक, राम मंदिर जैसे अति संवेदनशील मुद्दे पिछले 70 सालों से लटके थे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अल्प समय में हल कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से हिंदुस्तान पर राज कर रही एक विशेष पार्टी ने ही इस नागरिक संशोधन बिल के माध्यम से ही अखंड भारत के तीन टुकड़े कर बांग्लादेश और पाकिस्तान बनाया था।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में धार्मिक आधार पर उत्पीड़न लोगों को भारत में नागरिकता देने के लिए नागरिकता बिल लाए तो यही देश विरोधी पार्टी लोगों को भ्रमित कर गुमराह कर रही हैं। कहा कि यह बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है। भूतकाल में भी पूर्व भारत सरकारें विशेष प्रावधान बनाकर उन विदेशी लोगों को भारतीय नागरिकता देती आई हैं, जिन्हें भारत में शरण लेनी पड़ी थी।
1964 से 2008 के बीच भारतीय मूल के 4.61 लाख तमिल लोगों को भारत में नागरिकता दी गई है, जबकि पिछले छह सालों में 2830 पाकिस्तानियों, 912 अफगानिस्तानियों तथा 172 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता दी गई है। यह नागरिकता संशोधन अधिनियम तीन देशों के 6 अल्पसंख्यक समुदाय के उन लोगों को नागरिकता के लिए आवेदन करने के लिए सक्षम बनाता है, जिनके साथ धार्मिक आधार पर उत्पीड़न हो रहा हो। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय मोदी सरकार के इस बिल का पूरे जोश के साथ समर्थन करता है।