बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में हुई चर्चा की जानकारी निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए 30 जून को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की, पहली जुलाई से 15 जुलाई तक सभी जिलों और 15 से 30 जुलाई तक मंडलों की वर्चुअल बैठकें होंगी।
भाजपा की प्रदेश कार्ययोजना टोली की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन शनिवार को कार्यकर्ताओं में प्रशिक्षण शिविरों, सम्मेलनों और जनसंपर्क अभियानों के जरिये ऊर्जा भरने का मंत्र दिया गया है। बैठक में चर्चा हुई कि भाजपा ने संगठन का निचले स्तर तक विस्तार कर लिया है। अब इसके ढांचे को मजबूत करने के अलावा कार्यकर्ताओं को और सक्रिय करने की जरूरत है। इसके लिए प्रशिक्षण शिविर और सम्मेलन होंगे।
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ई-प्रशिक्षण के तहत आने वाले तीन महीनों में प्रदेश, जिला व मंडल स्तर पर पार्टी के सातों मोर्चों, प्रकोष्ठों और ग्राम स्तर पर पन्ना प्रमुखों के वर्चुअली प्रशिक्षण शिविर होंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अलावा अक्तूबर से लेकर 2022 के विधानसभा चुनाव तक सातों मोर्चों के मंडल, जिला व प्रदेश स्तर पर और ग्राम केंद्र प्रमुखों, त्रिदेव और मंडल स्तर पर पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन होंगे। बैठक में फैसला लिया कि सरकार के चार वर्षीय कार्यकाल के पूरा होने पर जनसंपर्क अभियान चलाएंगे।
इसमें केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। बैठक के दौरान मंडी लोकसभा और फतेहपुर, जुब्बल कोटखाई विधानसभा उपचुनाव के प्रभारियाें ने भी रिपोर्ट पेश की। बैठक में तय हुआ कि पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रवक्ताओं और जिला मीडिया प्रभारियों की एकदिवसीय कार्यशाला जुलाई में होगी। वहीं पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों के भी सम्मेलन होंगे। ये पंच परमेश्वर सम्मेलन पार्टी और सरकार के माध्यम से जुलाई से हर विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर होेंगे, ताकि उन्हें सरकार की योजनाओं और उनकी कार्यपद्धति की जानकारी मिले।
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बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में हुई चर्चा की जानकारी निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए 30 जून को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की, पहली जुलाई से 15 जुलाई तक सभी जिलों और 15 से 30 जुलाई तक मंडलों की वर्चुअल बैठकें होंगी। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन मिला।