बॉलीवुड निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादों में घिरी फिल्म पदमावती के विरोध की चिंगारी हिमाचल में भी पहुंच गई है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के यूथ विंग ने चेताया है कि अगर हिमाचल में इस फिल्म को चलाया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
बस्सी कहलूर में यूथ विंग के अध्यक्ष सूरज प्रताप सिंह चंदेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। सूरज प्रताप सिंह चंदेल ने कहा कि भंसाली ने इस फिल्म के जरिये राजपूताना इतिहास के छेड़छाड़ की है।
फिल्म में जिस प्रकार से रानियों को दिखाया गया है, उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता है। जिस प्रकार से रानियां परदे में रहती थीं, ठीक उसी प्रकार से राजपूतों की पत्नियां व राजस्थान में राजघराने की महिलाएं आज भी परदे में ही रहती हैं।
लेकिन भंसाली ने इतिहास से छेड़छाड़ राजपूताना इतिहास को लोगों के बीच हास्य के पात्र के रूप में प्रस्तुत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि फिल्म पर रोक नहीं लगाने तक क्षत्रिय महासभा की ओर से इसका विरोध जारी रहेगा।
वहीं उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि हिमाचल में इसके बावजूद फिल्म का प्रसारण किया जाता है तो महासभा इसके विरोध में कड़े कदम उठाने को बाध्य होगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से भी इस संदर्भ में ठोस पग उठाए जाने की मांग की है। बैठक में श्री नयनादेवी ब्लाक अध्यक्ष दीपक चंदेल के साथ ही हैप्पी चंदेल, जसविंदर चंदेल, जतिंदर चंदेल, हेमचंद मराठा, रमन राणा, मंजीत चंदेल, गगन चंदेल सहित अन्य भी उपस्थित रहे।