एनआईटी हमीरपुर से की बीटेक की पढ़ाई, एमबीए भी हैं धर्माणी
2 अप्रैल 1972 को बिलासपुर के घुमारवीं में जन्मे राजेश धर्माणी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला चुवाड़ी से पूरी की। घुमारवीं से आगे की स्कूली पढ़ाई पूरी की। एनआईटी हमीरपुर से बीटेक सिविल की पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने एमबीए भी की। राजेश धर्माणी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव, यूथ कांग्रेस के महासचिव और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह संवेदना चैरिटेबल सोसायटी के फाउंडर मेंबर भी हैं। घुमारवीं सीट से राजेश धर्माणी ने 2007, 2012 में लगातार दो बार जीत हासिल की। इस बार 2022 में तीसरी बार जीत हासिल की है।
पिता अध्यापक, माता गृहिणी, पत्नी समाज सेविका
राजेश धर्माणी साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। इनके पिता रत्न लाल धर्माणी सेवानिवृत अध्यापक हैं। माता विमला देवी गृहिणी हैं। इसके अलावा इनकी पत्नी सोनिका धर्माणी संवेदना चैरिटेबल सोसायटी की उपाध्यक्ष हैं। यह संस्था गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए कार्य करती है।
बेटी मंदिशा का सपना सिविल सर्विस में जाना
राजेश धर्माणी की एकमात्र बेटी मंदिशा धर्माणी अपने पिता पर नाज करती हैं। मंदिशा का कहना है कि राजनीति के इतने लंबे सफर में भी उनके पिता ने ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ा। पहले वह सिर्फ घुमारवीं की जनता के लिए काम कर रहे थे, लेकिन अब उनका दायरा बढ़कर प्रदेश स्तर का हो गया है। जिम्मेदारी बढ़ी है और उन्हें भरोसा है कि उनके पिता इसे बखूबी निभाएंगे। मंदिशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। अब वह सिविल सर्विस में जाने के लिए तैयारी कर रही हैं।