नए निर्देश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला चुनाव समाप्त होने तक नहीं किया जाएगा। यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में तबादला करना आवश्यक हो, तो संबंधित विभाग को आयोग से पूर्व अनुमति लेनी होगी और यह प्रमाणित करना होगा कि अधिकारी चुनाव कार्य में तैनात नहीं है या तबादला स्वास्थ्य या अनुशासनात्मक कारणों या न्यायालय के आदेशों के तहत किया जा रहा है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना पूर्व अनुमति जारी किए गए तबादला आदेश मान्य नहीं होंगे और संबंधित अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विभाग इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित कार्यालय प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आयोग के सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।