यदि कोई नौकरी के लिए पात्रता नहीं रखता तो नियमों में छूट दी जाए, जिससे इन्हें नौकरी मिल सकें। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें। दिव्यांगजनों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन पदों को भरने के लिए समयसीमा निर्धारित की जाए। जवाब में मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि विभिन्न विभागों में पदोन्नति एवं सेवानिवृत्ति होने के कारण पद रिक्त हुए हैं, जिसका रिक्त रहने का कारण पात्र उम्मीदवारों का न मिलना व भर्ती एवं पदोन्नति नियम का कुछ मामलों में न्यायालयों में विचाराधीन होना है। वर्तमान में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। अगर अपात्र लोगों को भर्ती किया गया तो नया धरना भी शुरू हो जाएगा।