कांग्रेस विधायक किशोरी लाल ने कहा कि हिमाचल का बजट किसानों का हितैषी है। विधायक दलीप सिंह ने कहा कि सरकार का ये तीसरा बजट है और इसमें 3 साल के 3 शब्द निकल कर आए हैं। इसमें व्यवस्था परिवर्तन, दूसरा नीड बेस और तीसरा चरणबद्ध शमिल है। उन्होंने कहा कि सरकार के ये शब्द जनता समझ नहीं पा रही है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने देवभूमि को विकास की की दिशा दिशा में में आगे बढ़ने वाला बजट पेश किया है। भाजपा विधायक दीपराज ने कहा कि कर्ज और झूठ से सरकार नहीं चलती। पहले वर्ष सरकार कहती है कि मछली पालो, ढाबे चलाओ और अब अगले साल सरकार कहेगी कि युवा बर्तन साफ करो। भाजपा विधायक ने इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि सरकार ने जो सीपीएस बनाए थे, वह फिजूलखर्ची नहीं थी। सरकार ने महिलाओं को 1500 देने के नाम पर ठगा है। विधायक डीएस ठाकुर ने भी बजट चर्चा में हिस्सा लिया।
जितना बजट मैंने समझा... के बयान पर नोकझोंक
बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह कह रहे हैं... जितना बजट मैंने समझा, किसी ने नहीं समझा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, यह स्टेटमेंट कहां दी बताएं...वीडियो अभी पेश करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, मैं वीडियो चला दूंगा, मुख्यमंत्री बोले, चला दीजिए। नेता प्रतिपक्ष सदन की मर्यादा होती है, मैं निजी तौर पर आपको और अध्यक्ष महोदय को दूंगा। मुख्यमंत्री बोले, जयराम जी आप सोशल मीडिया के चक्कर में फंस जाते हैं। बोले, आप मुझे बोलने दें नहीं तो हमें सदन से चले जाएंगे। इस पर विस अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को संयम बरतने की हिदायत दी।