किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी
किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि लोक सेवा गारंटी बिल में यह बहुत बड़ी चूक हुई है। इस एक्ट को लागू कर 2011 से अब तक गैर कानूनी काम हुए हैं। इसमें सुधार करना जरूरी है। जिन अधिकारियों से ये चूक हुई है, क्या उन पर कार्रवाई हो गई है।
ठियोग के माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी कहा कि देश में शायद ही कोई इस तरह का कानून हो जो आठ साल पहले लागू हो गया हो और अधिसूचना बाद में लागू की जा रही हो।
विधेयक को नए सिरे से पेश किया जाना चाहिए। नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस अधिनियम को अधिसूचना को जारी किए बगैर ही लागू करना सही नहीं है। इसमें संशोधन करने से पहले इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्षी विधायकों की ओर से बवाल के बाद कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि यह बहुत बड़ा लैप्स है। अधिकारियों ने कमी ध्यान में लाई तो तुरंत इसमें सुधार का निर्णय लिया गया। यह सही है कि इस अधिनियम के तहत कई आदेश भी पारित हुए।
यह एक्ट 24 अगस्त 2011 को लागू किया गया, मगर इसकी अधिसूचना नहीं हो पाई। वक्त बहुत ज्यादा गुजर गया, मगर भले ही उस वक्त भाजपा सरकार थी पर दिसंबर 2012 से 2017 तक कांग्रेस की भी सरकार थी।
सरकार निरंतरता में होती है और अगर कुछ हमसे छूट गया तो इसमें सुधार कांग्रेस सरकार भी कर सकती थी। विपक्ष की ओर से यह मामला बार-बार उठाए जाने के बाद सीएम बोले - गलती आपसे भी हुई है, ये मानो। सबसे हुई है। इस बारे में संशोधन करने की बात वेलीडेशन एक्ट में है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि तत्कालीन धूमल सरकार ने इस एक्ट का बहुत प्रचार किया। इतने दिन में काम होगा, इसका खूब प्रचार-प्रसार हुआ। अग्निहोत्री बोले - अपना पाप हम पर मत मढ़ो। आपने गलत किया था। हमें न लपेटो।
आप पांच साल क्या सोए रहे?
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा - वीरभद्र सिंह ने भी तो सरकार संभाली। हमने एक साल पाप किया तो आपने तो पांच साल साल किया। आप क्या पांच साल सोए रहे हैं?