भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने वीरभद्र सिंह की सरकार को किसान व बागवान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि बीते पांच साल में सरकार ने करोड़ों रुपये बंदरों की नसबंदी पर खर्च कर दिए लेकिन हिमाचल में बंदरों की संख्या कम नहीं हुई।
वीरभद्र सरकार बंदरों की समस्या का समाधान करने में पूरी तरह से विफल रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में 45 हजार परिवारों ने कृषि व बागवानी का कार्य छोड़ना पड़ा है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस सरकार बीते छह महीने से बंदरों को पकड़ने का कार्य बाहरी राज्य की एजेंसी को दिया है।
उन्हें एक बंदर के पकड़ने का 700 रुपये रेट निर्धारित किया है। एजेंसी को बंदर पकड़ने के बाद नसबंदी केंद्र में रखना होगा। सतपाल सत्ती ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश में तो बंदर पकड़ने पर भी घोटाला हुआ है।
मंडी शहर के लोग बंदरों के उत्पात से दो मंजिला भवन से गिरी लड़की का मामला नहीं भूले हैं। इसके अलावा अनेकों उदाहरण हैं जहां बंदरों ने बच्चों और महिलाओं को घायल न किया हो।