हिमाचल में चुनावी बिगुल बजने से पहले ही सियासी मैदान में नेताओं के साथ कई अफसरों ने भी ताल ठोंक दी है। आईएएस व आईपीएस अफसरों से लेकर डॉक्टर और प्रोफेसर तक चुनावी जंग में नेताओं को चुनौती दे रहे हैं।
सियासी मैदान में उतरने को बेताब इन अधिकारियों में से कोई रिटायर हो चुका है तो कोई उम्दा नौकरी छोड़कर अपने-अपने हलकों में सियासी जमीन तलाश रहा है। भाजपा और कांग्रेस से टिकट की दावेदारी ठोंक रहे इन नौकरशाहों में से कइयों ने प्रचार भी शुरू कर दिया है। कई अफसर नौकरी में रहते हुए टिकट झटकने को कदमताल कर रहे हैं।
1 जेआर कटवाल (पूर्व आईएएस)
झंडूता विधानसभा क्षेत्र से पूर्व आईएएस अधिकारी जेआर कटवाल ने चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। मई 2016 में सेवानिवृत्त होने के बाद से ही कटवाल जन संपर्क अभियान में जुटे है। भाजपा से टिकट को प्राथमिकता बता रहे कटवाल के अनुसार वह जनता के कहने पर राजनीति में आए हैं। टिकट नहीं मिला तो जो लोग कहेंगे वही करेंगे।
2 डॉ. जनक राज
भरमौर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए न्यूरोसर्जन डॉ जनक राज ने नौकरी छोड़ी है। करीब दो माह पहले वह आईजीएमसी शिमला में तैनात थे। जनसंपर्क अभियान छेड़ चुके डॉ. जनक राज के अनुसार भाजपा हाईकमान टिकट देता है तो वे किसी भी कांग्रेसी नेता को बड़े अंतर से हरा सकते हैं।
3 अमर सिंह राठौर (पूर्व आईएएस )
धर्मपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व आईएएस अधिकारी अमर सिंह राठौर भी चुनावी ताल ठोकने को तैयार हैं। धर्मपुर उपमंडल की झंगी पंचायत के गांव भूर से संबंध रखने वाले राठौर काग्रेंस के टिकट के लिए आवेदन कर रहे हैं।
4 केसी सडियाल (रिटायर्ड एडीजीपी)
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से रिटायर्ड अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आईपीएस) केसी सडियाल भाजपा से टिकट की दौड़ में हैं। सडियाल लंबे समय से जनसंपर्क से जुड़े हैं। लेकिन वे भाजपा विधायक नरेंद्र ठाकुर का टिकट काट कर ही सियासी पारी शुरू कर सकते हैं।
5 प्रेम सिंह द्रैक (पूर्व आईएएस)
भाजपा नेता और पूर्व आईएएस प्रेम सिंह द्रैक रामपुर सीट से भाजपा टिकट पर विधानसभा चुनावी दंगल में उतरने की पूरी तैयारी में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी द्रैक को रामपुर (आरक्षित) सीट से वर्ष 2012 में पहले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वे दावा करते हैं कि उनको रामपुर आरक्षित विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट मिलेगा।
6 प्रो. जोगिंदर सिंह ठाकुर (रिटायर्ड प्रोफेसर)
प्रो. जोगिंदर सिंह ठाकुर बंजार विधानसभा से कांग्रेस के टिकट के दावेदार हैं। वह वर्तमान में बंजार कॉलेज में बतौर प्रोफेसर कार्यरत हैं। परिवार भी कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। जमीनी स्तर पर गुप-चुप चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनका कहना है बंजार के विकास के लिए कुछ करना चाहता हूं। हाईकमान के आदेश पर चुनावी मैदान पर कूदने के लिए तैयार हूं।
7 डॉ. चंद्रमोहन परशीरा (पूर्व पर्यटन निदेशक)
डॉ. चंद्रमोहन परशीरा लाहौल-स्पीति से भाजपा टिकट के लिए दावेदार हैं। राजनीति में आने के लिए उन्होंने हिमाचल विश्वविद्यालय शिमला में पर्यटन विभाग के निदेशक पद से हाल ही में वीआरएस ली है। उनका कहन है कि लाहौल-स्पीति की जनता के लिए राजनीति में उतरे हैं। नौकरी छोड़ने के बाद से जन सेवा में जुट गए हैं।
8 खुशहाल ठाकुर (रिटायर्ड ब्रिगेडियर)
द्रंग विधानसभा क्षेत्र से ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर भाजपा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कारगिल हीरो के नाम से पहचान रखने वाले ठाकुर नगवांई के रहने वाले हैं। सेना से रिटायर होने के बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। अब उन्हें प्रबल दावेदारों में शुमार कर देखा जा रहा है। यह वर्तमान में फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
9 डॉ. दलीप सिंह ठाकुर (रिटायर्ड प्रोफेसर)
धर्मपुर के चुनावी दंगल में कूदने को तैयार डॉ. दलीप सिंह ठाकुर शिमला यूनिवर्सिटी से रिटायर हुए हैं। इन्होंने पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में चुनावी प्रचार शुरू किया हुआ है और लगातार लोगों के बीच में घूम रहे हैं। कांग्रेस पार्टी से टिकट का आवेदन करने वाले हैं।
10 डॉ. अशोक सोमल (रिटायर्ड आईएफएस)
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाहते हैं। डा. अशोक स्वराज इंडिया राजनीतिक दल से जुड़े हैं। 59 वर्षीय डा. अशोक 7 साल सेना और 25 वर्ष भारतीय वन सेवा में सेवाएं देकर वर्ष 2007 में वीआरएस ली। वर्ष 2007, 2009, और 2012 में आजाद प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
11 भगत राम ब्यास (पूर्व उप नियंत्रक वित्त एवं लेखा)
उप नियंत्रक वित्त एवं लेखा नगर शिमला पद से वीआरएस लेने वाले भगतराम ब्यास करसोग विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के दावेदार हैं। नौकरी छोड़ने के बाद से चुनाव प्रचार अभियान छेड़े हुए हैं।
12 डॉ. जगतराम (रिटायर्ड आईपीएस)
सेवानिवृत्त आईपीएस डॉ. जगतराम ने भाजपा के टिकट की दोवदारी जताई है। वे तत्तापानी के रहने वाले हैं। पुलिस विभाग में 42 साल सेवाएं देकर रिटायर हुए डॉ. जगतराम दी हैं। करीब 2 सालों से यह चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।