कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल पंडित सुखराम के बेटे केबिनेट मंत्री अनिल शर्मा को सदर मंडी से चुनौती देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह की बेटी एवं जिला परिषद अध्यक्ष चंपा ठाकुर चुनावी मैदान में उतर गई हैं।
कांग्रेस के अधिकारिक टिकट की घोषणा से पहले ही चंपा ठाकुर ने ढोल नगाड़ों के बीच पूरे शहर में रैली निकालने के बाद नामांकन भरा। जिसके एकदम बाद चुनावी प्रचार भी शुरू कर दिया है।
दोपहर साढ़े बारह बजे उन्होंने निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सदर पूजा चौहान को नामांकन सौंपा। दोपहर तक कांग्रेस पार्टी की ओर से चिन्ह और टिकट का अधिकार न मिलने के कारण उन्होंने चुनाव चिन्ह और पार्टी टिकट को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया है।
नामांकन के बाद उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जाकर शहर में घर-घर में मतदान की अपील की। हर दुकान में जाकर अपने पक्ष में लोगों से मतदान का आग्रह किया।
सीएम के निर्देशानुसार पहले भरा नामांकन : चंपा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान और सीएम वीरभद्र सिंह ने उन पर जो विश्वास दिखाया है। उस पर वह खरा उतरेंगी। हालांकि औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के चलते उनका नामांकन खारिज हो गया है। अब चंबा ठाकुर 23 अक्तूबर को फिर से नामांकन भरेंगी। बताया जा रहा है कि चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा उपलब्ध नहीं होने के चलते नामांकन खारिज हुआ।
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए चंपा ठाकुर ने ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान और सीएम वीरभद्र सिंह के निर्देशानुसार ही उन्होंने पर्चा भरा है। उन पर जो विश्वास दिखाया है, उस पर वह खरा उतरेंगी।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की दूरगामी सोच का नतीजा है कि आज महिलाओं को कांग्रेस पार्टी में तरजीह दी जा रही है। वह मेरे आदर्श रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी टिकट पर वह भारी बहुमत के साथ जीत हासिल कर सदर की सीट को कांग्रेस पार्टी की झोली में डालेंगी।
नहीं पहुंचे कौल सिंह ठाकुर
इस अवसर जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, नगर परिषद के पदाधिकारी, पूर्व पार्षद, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बेटी चंपा ठाकुर के नामांकन के लिए मंत्री कौल सिंह ठाकुर नहीं पहुंचे। कयास लगाए जा रहे थे कि नामांकन में वह भी बेटी के साथ आएंगे लेकिन, किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंच पाए।