परिवहन मंत्री एवं नगरोटा बगवां से कांग्रेस प्रत्याशी रहे जीएस बाली ने कहा है कि विधानसभा चुनावों की घोषणा से मतदान तक चुनाव क्षेत्र में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहना चाहिए। इससे चुनावों के दौरान शराब परोसकर मतदाताओं को बरगलाने की आशंका बेहद कम हो जाती है।
मतदान के बाद पहली बार सोमवार को सचिवालय पहुंचे परिवहन मंत्री बाली ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान जबरदस्त तरीके से अवैध शराब का वितरण किया गया। हालात ये रहे कि पुलिस चुनाव आयोग और आयोग पुलिस पर कार्रवाई करने की बात कहकर पल्ला झाड़ते रहे।
शराब के जरिये चुनाव प्रभावित करने की जबरदस्त कोशिश हुई है। विधानसभा चुनाव में शराब का खुलकर इस्तेमाल इसलिए हो सका क्योंकि चुनाव आयोग के पास स्टाफ की कमी थी। पुलिस बल भी चेकिंग के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा है कि भविष्य में जब भी चुनाव हों तो 15 दिन पहले ही शराब की दुकानें बंद हो जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग मतदान के बाद रोजमर्रा के कामकाज के लिए आयोग की अनुमति लेने की प्रक्रिया में ढील दे। लंबे समय तक आचार संहिता लगाने से बहुत सारे कार्य प्रभावित होते हैं और आमजन को इसका नुकसान झेलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों को नए बस रूट खोले जाने थे लेकिन वे भी रुक गए हैं। इस कारण लोगों को कुछ और दिन परेशानी झेलनी पड़ेगी।