हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के पोते चेतन परमार के भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दुखी हैं। उन्होंने हिमाचल निर्माता को याद करते हुए कहा कि चेतन का भाजपा में जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। हमने उस परिवार को कभी बुरा नहीं किया। हमारे बच्चों को धैर्य से काम लेना चाहिए। इस तरह से राह से भटकना नहीं चाहिए। हिमाचल प्रदेश के विकास में डॉ. वाईएस परमार का अहम योगदान रहा है।
वह संगड़ाह और सतौन में चुनावी रैली के दौरान जनसभा को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने रेणुका से कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार और शिलाई के हर्षवर्धन चौहान के पक्ष में प्रचार किया। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता का प्रथम सेवक होता है।