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हिमाचल विस चुनावः 50 हजार अधिकारी, कर्मचारी संभालेंगे जिम्मा

Sat, 14 Oct 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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चुनावी महाकुंभ शुरू होने के साथ आयोग ने भी कसरत शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनावी तैयारियों की जानकारी दी। बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान करीब 50 हजार कर्मचारियों, अधिकारियों की तैनाती होगी। 
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इनमें करीब 38 हजार कर्मचारी पोलिंग स्टेशनों पर तैनात होंगे। मतदान केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड, पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान संभालेंगे। क्रिटिकल मतदान केंद्रों की सुरक्षा केंद्रीय सुरक्षा बल के हाथ में रहेगी। केंद्र से सुरक्षा बल की 75 कंपनी मांगी हैं। 

दूरदराज क्षेत्रों में सूचना तंत्र मजबूत रखने को टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क किया है। 141 मतदान केंद्रों पर वायरलेस सेट लगाए जाएंगे। सीईओ ने बताया कि आपदा या किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने को पहली बार बूथ लेवल मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। 
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इसके तहत मतदान केंद्र के अलावा आपदा की स्थिति के लिए पड़ोसी भवनों को चिह्नित कर रिजर्व रखा जाएगा। पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए हैं कि हर हाल में रास्तों के खुला रखने का प्रबंध करे। शिकायतें दर्ज कर निगरानी और निस्तारण के लिए शिकायत निगरानी सेल सीईओ ऑफिस तथा जिला निर्वाचन अधिकारी लेवल पर बनाए गए हैं। 

सबसे ज्यादा वोटर कसौली विस क्षेत्र में

सीईओ ने बताया कि सूबे में सबसे ज्यादा 92 हजार 753 वोटर कसौली विधानसभा क्षेत्र में हैं। सबसे कम 22 हजार 849 वोटर लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र में हैं। किन्नौर के का पोलिंग स्टेशन में सबसे कम 6 मतदाता हैं, जबकि सोलन के सोलन पोलिंग स्टेशन संख्या 72 में सबसे ज्यादा 1889 मतदाता हैं। सबसे ऊंचे मतदान केंद्र हिक्किम में 46 मतदाता हैं।

दृष्टिबाधितों के लिए पहली बार ब्रेल भाषा में पर्ची
चुनाव आयोग पहली बार विशेष श्रेणी के मतदाताओं के लिए खास इंतजाम कर रहा है। दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए फोटोयुक्त मतदान पर्ची को ब्रेल लिपि में प्रकाशित कराकर मुहैया कराएगा। इसी तरह विकलांग मतदाताओं के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही वृद्ध आश्रम में रहने वाले मतदाताओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

संवेदनशील नहीं अब क्रिटिकल और वलनरेबल श्रेणी के बूथ

मतदान केंद्रों को आयोग ने इस बार संवेदनशील, अति संवेदनशील श्रेणी से बदलकर क्रिटिकल और वलनरेबल नाम से श्रेणी में बांटा है। वर्तमान में 51 मतदान केंद्र हैं जो क्रिटिकल श्रेणी में हैं जबकि वलनरेबल श्रेणी में एक भी मतदान केंद्र चिह्नित नहीं है। राजपूत ने बताया कि पुलिस इन बूथों को चिह्नित कर समय समय पर अवगत कराती रहेगी, जिसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी।

विशेष अभियान में आए 78 हजार नए आवेदन
राजपूत ने बताया कि 15 सितंबर तक आयोग की मतदाता सूची में करीब 49 लाख 5 हजार मतदाता थे, लेकिन 16 से 30 सितंबर तक चले विशेष अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए करीब 78 हजार नए आवेदन आए हैं।

इन सभी आवेदनों को 15 अक्तूबर तक निस्तारित कर नामों का प्रकाशन सूची में किया जाएगा। साथ ही सभी को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मतदान से एक हफ्ता पहले सभी मतदाताओं को उनके घर पर मतदाता पर्ची मुहैया करा दी जाएगी।

मतदान का समय तय नहीं

मतदान की तारीख और मतदान प्रक्रिया निर्धारित होने के बावजूद अब तक मतदान का समय तय नहीं हुआ है। सीईओ ने कहा कि मतदान के लिए अभी समय निर्धारित करने संबंधी कोई निर्देश भारत निर्वाचन आयोग से नहीं आए हैं।

उन्होंने माना कि वीवीपैट की वजह से हर व्यक्ति को मतदान करने में पहले से ज्यादा समय लगेगा। लेकिन मतदान पूर्व के सुबह आठ से पांच बजे के बीच मतदान या उससे अलग समय होने पर उन्होंने बोलने से इंकार कर दिया।
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शराब, नकदी और गिफ्टों पर रहेगी नजर

सूबे में सियासी महाकुंभ के शुरू होने के साथ ही चुनाव आयोग ने मैराथन बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीमावर्ती राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की।

इस बैठक में सभी राज्यों के गृह सचिव, आबकारी एवं कराधान सचिवों के अलावा पुलिस के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में सभी राज्यों से हिमाचल में अवैध रूप से नकदी, शराब, हथियार, अपराधियों के आने और यहां से बाहर जाने को लेकर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि सभी राज्यों से लगती सीमाओं के चेक पोस्टों पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी।

इसके अलावा दूसरे राज्यों से सूबे में आने वाले गिफ्ट आइटम पर भी नजर रखी जाएगी। बताया कि सभी अफसरों को आपस में परस्पर संपर्क रखते हुए हर तरह की सूचना को एक दूसरे से साझा करने को भी कहा गया है। बैठक में हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर के अधिकारी शामिल थे।
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