हिमाचल विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के सख्ती से पालन की दिशा में काम शुरू कर दिया है। आयोग ने उम्मीदवारों को 10 विभिन्न बातों पर अमल करने की सलाह दी है। ऐसा न करने पर उम्मीदवार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
1. किसी दल या प्रत्याशी को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों, धर्मों या भाषाई समुदायों के बीच विरोध या मतभेद पैदा करे या पहले से मौजूद मतभेदों को बढ़ाए।
2. व्यक्तिगत जीवन के पहलुओं पर किसी तरह की टिप्पणी या बयान नहीं दिया जाना चाहिए।
3. आलोचना या बयान ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो या तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों पर आधारित नहीं होनी चाहिए।
4. वोट प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही राजनीतिक दल प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल न हो।
5. ऐसे कार्य न हों, जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं। इनमें मतदाताओं को रिश्वत देना, परेशान करना, मतदान केंद्र के सौ मीटर के भीतर वोट मांगना, प्रचार बंद होने के बाद भी सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को अपने वाहन से मत डालने के लिए ले जाना और वापस लाना।