हिमाचल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर मतदान करने में महिलाओं ने बाजी मारी है। पुरुषों के मुकाबले करीब छह फीसदी अधिक महिलाएं वोट डालने निकलीं। बीते दिन हुए मतदान में प्रदेश में कुल 4988367 में से 3721367 मतदाताओं ने वोट डाला।
इनमें 1810687 पुरुष और 1910680 महिलाएं शामिल थीं। पुरुषों की अपेक्षा एक लाख ज्यादा महिलाएं वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों में पहुंचीं। महिलाओं का मतदान 77.76 और पुरुष मतदाताओं का आंकड़ा 71.53 फीसदी रहा। साल 2012 में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1683278 और महिला मतदाताओं की संख्या 174114 रही थी।
हिमाचल में सत्ता की चाबी हमेशा महिलाओं के हाथ रही है। राजनीतिक दल इसे भली भांति जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिलाओं से इस बार 5 फीसदी अधिक मतदान करने की अपील की थी। चुनाव घोषणा पत्र में भी महिलाओं को लुभाने के लिए कई वायदे किए हुए हैं।
हालांकि, गुड़िया मामले को राजनीतिक रंग देने के बावजूद शिमला जिले में महिलाओं की मतदान प्रतिशत्तता पुरुषों के मुकाबले कम रही। कोटखाई में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले 5 फीसदी कम मतदान करने पहुंची।
महिलाओं को डिस्टिंक्शन, पुरुष फर्स्ट डिवीजन पास
2017 के विस चुनाव की परीक्षा में महिला मतदाताओं ने डिस्टिंक्शन हासिल की। पुरुषों को फर्स्ट डिवीजन से संतोष करना पड़ा। सोलन की दून विस सीट पर सबसे ज्यादा 89.58 फीसदी महिलाओं ने वोट किया, जबकि सबसे कम संख्या शिमला शहरी सीट पर 64.38 रही। हरोली विधानसभा क्षेत्र में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने 11.87 फीसदी अधिक मतदान किया।
एक दर्जन सीटों पर 80 फीसदी पहुंचा आंकड़ा
सूबे की एक दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी भी रहीं, जहां महिला मतदाताओं की संख्या 80 फीसदी से ऊपर रही। दून में 89.58, नालागढ़ में 86.55, बल्ह में 83.77, श्री नयनादेवी में 85.05, ज्वालामुखी में 82.15, नगरोटा में 84.23, कांगड़ा में 82.79, गगरेट में 82.03, मंडी में 83.67, सिराज में 83.46 और नाहन में 82.60 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने वोट दिया।
यहां पुरुषों से पिछड़ गईं महिलाएं
चौपाल में 4 ठियोग में 5, कसुमप्टी में 1, जुब्बल कोटखाई में 5, रामपुर में 1, रोहडू में 4 प्रतिशत कम महिलाओं ने वोट डाले। पच्छाद में भी तीन फीसदी कम महिलाएं वोट डालने निकलीं।