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जिसने भी जीता कांगड़ा, हिमाचल में उसकी ही बनी सरकार

Sat, 28 Oct 2017 12:51 PM IST
हरीश चंद्र/अमर उजाला, धर्मशाला
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हिमाचल में किसी भी दल को सत्ता तक पहुंचाने का दारोमदार कांगड़ा जिला पर भी रहता है। जिले में पिछले दो दशक में जिस पार्टी ने यहां ज्यादा सीटें जीती हैं। प्रदेश में उसी पार्टी की सरकार बनी है। 1998 से लेकर 2012 तक विधानसभा चुनाव हुए। इसमें दो बार भाजपा और दो बार कांग्रेस की सरकारें बनीं।
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इन चार चुनावों में कांगड़ा जिले में जिस पार्टी के ज्यादा विधायक जीते। सूबे में उसी दल की सरकार सत्तासीन हुई है। इस बार भी भाजपा और कांग्रेस की नजरें कांगड़ा पर टिकी हैं। दोनों दल इसी जिले पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 15 सीटें हैं।

वर्ष 1998 के चुनाव में भाजपा ने 11 सीटें जीतीं थी और 2003 में कांग्रेस ने कांगड़ा किले में 11 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। 2007 के चुनाव में भाजपा ने नौ और 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने नौ सीटें जीती थी। 2007 के चुनाव तक कांगड़ा जिले में 16 विधानसभा क्षेत्र थे। 2012 के चुनाव से पहले पुनर्सीमांकन के चलते एक सीट कम हो गई है। अब कांगड़ा में 15 सीटें हैं।
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हिविकां-हिलोपा कांगड़ा में नहीं खोल पाई थी खाता

1998 और 2003 के चुनाव में हिमाचल विकास कांग्रेस ने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन कांगड़ा जिले में हिविकां का एक भी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सका था। 2012 के चुनाव में हिमाचल लोकहित पार्टी ने प्रत्याशी उतारे थे। हिलोपा का भी एक प्रत्याशी नहीं जीता पाया था।

वर्ष               कांग्रेस         भाजपा         अन्य
1998             05            10             01
2002             11            04             01
2007             05            09             02 
2012             09              03            03
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