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भाजपा और कांग्रेस के लिए बागी बने चुनौती, उतारने पड़े शांतिदूत

Mon, 23 Oct 2017 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनाव के समर में उतरी भाजपा और कांग्रेस के लिए डैमेज कंट्रोल करना चुनौती बन गया है। रूठों को मनाने के लिए दोनों दलों ने अपनी टीमें लगा दी है लेकिन बगावत थम नहीं रही है। हालांकि भाजपा को कुछ सीटों पर असंतुष्टों को मनाने में कामयाबी मिलना शुरू हो गई है पर जिला कांगड़ा में हो रहे विरोध अभी भी पार्टी के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
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कांग्रेस में बगावती सुर तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सीटों के आवंटन में उलझी कांग्रेस की ओर से अभी तक डैमेज कंट्रोल को लेकर बिल्कुल भी गंभीरता भी नहीं दिखाई है। नालागढ़, मनाली, शिमला, नाचन, कांगड़ा, कुटलैहड़ में कांग्रेस के बागी निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पालमपुर से बीबीएल बुटेल के बेटे आशीष बुटेल का टिकट फाइनल होने के बाद परिवार में घमासान मचता दिख रहा है।

कुंज बिहारी लाल बुटेल के पोते और मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकार गोकुल बुटेल ने देर शाम फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपना विरोध दर्ज करवाया। गोकुल ने टिकट नहीं मिलने की खीझ एक युवा कांग्रेस नेता पर निकाली है। उधर, पालमपुर, फतेहपुर, शिमला, कसुम्पटी, मनाली, भोरंज में भाजपा का डैमेज कंट्रोल अभी भी काम नहीं कर रहा है। 
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टिकट आवंटन से नाराज कई कांग्रेसी बने निर्दलीय
शिमला। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट तय होने के बाद हरदीप बावा ने बगावत कर दी है। सोमवार को बावा नालागढ़ विस क्षेत्र से बतौर निर्दलीय नामांकन पत्र भरेंगे। हरदीप बावा को वीरभद्र सिंह का खास माना जाता है। जिला मंडी के नाचन विस क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट आवंटन से नाराज होकर पूर्व विधायक टेक चंद डोगरा के बेटे संजू डोगरा सोमवार को गोहर में बतौर आजाद प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

कांगड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जसवाल ने बतौर आजाद उम्मीदवार सोमवार को नामांकन भरने का एलान किया है। जिला हमीरपुर के भोरंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता प्रेम कौशल भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। आईएएस केआर भारती ने हमीरपुर सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

मनाली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट नहीं मिलने पर अब धर्मवीर धामी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे। कांग्रेस नेता प्रेम शर्मा ने भी मनाली से बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कुटलैहड में विवेक शर्मा को टिकट मिलने से नाराज होकर रुमेल धीमान ने बगावत कर दी है। शिमला शहरी सीट से हरीश जनारथा सोमवार को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे।

भाजपा के बागियों ने बढ़ाई हाईकमान की परेशानी
जिला कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी राकेश पठानिया के लिए रणवीर निक्का ने मैदान छोड़ दिया है। भाजपा प्रभारी मंगल पांडे की मध्यस्थता के बाद निक्का भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मान गए हैं। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा में चल रहा गतिरोध थम गया है। उधर, मनाली भाजपा में भी गुटबाजी हावी हो गई है।

मनाली भाजपा के भी तीन नेता बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। आधिकारिक उम्मीदवार गोविंद ठाकुर के अलावा गजेंद्र ठाकुर, हुक्म और मोहन लाल चुनाव लड़ने जा रहे हैं। जिला हमीरपुर के भोरंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल धीमान ने भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।

इसके अलावा पालमपुर में प्रवीण कुमार ने सोमवार को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का एलान किया है। जिला सिरमौर की रेणुका सीट से पूर्व विधायक हृदया राम ने निर्दलीय नामांकन पत्र भर दिया है। सुंदरनगर में रूप सिंह ठाकुर के समर्थक पार्टी प्रत्याशी राकेश जम्वाल के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं।

फतेहपुर में बलदेव ठाकुर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इसी सीट से पूर्व सांसद राजन सुशांत ने भी निर्दलीय नामांकन पत्र भरा है। सोलन में भाजपा प्रत्याशी राजेश कश्यप के खिलाफ 2012 में पार्टी प्रत्याशी रही कुमारी शीला ने मोर्चा खोला हुआ है।

शिमला शहरी सीट से पार्षद और व्यापार मंडल महासचिव संजीव ठाकुर ने सुरेश भारद्वाज के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। जुब्बल कोटखाई में नीलम सरकेक, चौपाल में सीमा मेहता और कसुम्पटी में प्रेम ठाकुर व वीडी शर्मा भी पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

बागियों को मनाने के लिए भाजपा ने उतारे शांतिदूत
सुनील चड्ढा, धर्मशाला। टिकट आवंटन के बाद हिमाचल में बुलंद हुए बगावत के झंडों को थामने के लिए भाजपा हाईकमान दिल्ली ने शांति दूत बनाकर प्रदेश भर के विधानसभा क्षेत्रों में उतार दिए हैं। जिन-जिन विधानसभा सीटों पर बगावत हो रही है, वहां पर दिल्ली हाईकमान खुद आगे आगे आकर डैमेज कंट्रोल करने में जुट गया है।

सूबे को सत्ता की राह दिखाने वाले कांगड़ा जिले की नूरपुर और जवाली सीटों पर जैसे ही बगावत की चिंगारी ज्यादा सुलगी तो दिल्ली हाईकमान से वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने आकर उसे बुझा दिया। नूरपुर से इस बार पूर्व विधायक राकेश पठानिया को टिकट मिला है। यहां से टिकट कटने के बाद पूर्व प्रत्याशी रणवीर सिंह निक्का ने आजाद लड़ने का ऐलान कर दिया था तो दिल्ली से हाईकमान की

टीम में शामिल चुनाव समन्वयक राजेश वर्मा, जम्मू-कश्मीर सरकार में भाजपा से मंत्री लाल सिंह ठाकुर, पंजाब के सुजानपुर से एमएलए दिनेश बब्बू ने आकर निक्का को मना लिया। जब जवाली विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी अर्जुन ठाकुर के खिलाफ भाजपा के ही पदाधिकारी संजय गुलेरिया ने आजाद लड़ने का ऐलान किया तो उन्हें भी दिल्ली हाईकमान की टीम से हिमाचल के लिए चुनाव

समन्वयक का जिम्मा संभाल रहे राजेश वर्मा और अजय यादव ने आकर मनाया। संजय गुलेरिया को नड्डा ने पहले दिल्ली में बुलाया और फिर दिल्ली की टीम उन्हें मनाने हिमाचल में उतारी गई। टीम अब कांगड़ा जिले के फतेहपुर, पालमपुर, इंदौरा, कांगड़ा, धर्मशाला समेत सूबे की कई सीटों पर भी बगावती तेवर दिखाने वाले नेताओं को मैनेज करने में लगी हुई है।

राजनीतिक पंडितों की मानें तो बगावत करने वाले नेताओं को वरिष्ठ नेता शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल भी जब शांत नहीं कर पाए तो दिल्ली हाईकमान को अपने शांति दूत हिमाचल में उतारने पड़े।

लेकिन, अंदरखाते भितरघात नहीं होगा, इसकी गारंटी देना मुश्किल है। प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडे ने कहा कि टिकट आवंटन के बाद कई बार मतभेद पैदा हो जाते हैं। लेकिन, पार्टी ने अपने स्तर पर इन्हें दूर कर दिया है। सभी मिल-जुलकर हिमाचल में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाएंगे।
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