हिमाचल के दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल इस चुनाव में भी भाजपा का चेहरा हैं। मतदान से महज नौ दिन पहले सीएम प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद प्रदेश भाजपा में नया उत्साह है। धूमल प्रदेश में भाजपा को फिर से सत्तासीन करने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रहे हैं। अपने तूफानी चुनाव प्रचार के बीच उन्होंने अमर उजाला से बातचीत की। पेश हैं उसके कुछ अंश-
सवाल : हिमाचल में भाजपा किन तीन बड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है?
जवाब : हिमाचल में कांग्रेस सरकार की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। जान-माल और सम्मान की रक्षा करने में सरकार विफल रही है। प्रदेश में सड़कों की हालत खस्ता है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं। केंद्र से आर्थिक मदद के बावजूद सरकार विकास नहीं करवा पा रही। बिना बजट और डीपीआर के किए शिलान्यास जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने के सिवा कुछ नहीं है। पिछले पांच साल में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया। सरकार के संरक्षण में वन, खनन और ड्रग माफिया सक्रिय हुआ। आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। केंद्र से हिमाचल को एक लाख पंद्रह हजार करोड़ रुपये मिले हैं, जिसका सदुपयोग करने के बजाय बर्बाद किया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच में हैं।
सवाल : इस चुनाव में भाजपा को वोट क्यों दें लोग?
जवाब : भाजपा की सरकार बनने पर कानून व्यवस्था ठीक होगी। जान-माल और सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सूबे में सोमनाथ वाहिनी का गठन होगा। ये महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करने के साथ शिकायत पर माफिया के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगी। इसके अलावा वनरक्षक होशियार सिंह के नाम से एक हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जो मुख्यमंत्री कार्यालय में 24 घंटे काम करेगी और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान होगा। हम सूबे को सुशासन और साफ सुथरी सरकार देंगे।
सवाल : आप प्रदेश में जगह-जगह प्रचार कर रहे हैं, कितनी सीटें जीत रही भाजपा?
जवाब : पार्टी के तौर पर हमने 50 प्लस का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब जो माहौल और उत्साह देख रहे हैं और जिस तरह से समाज का हर वर्ग पार्टी से जुड़ा है। उससे ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
सवाल : भाजपा ने मतदान से महज 9 दिन पहले आपका नाम सीएम प्रत्याशी के तौर पर घोषित कर दिया, कहीं देरी तो नहीं हो गई?
जवाब : हिमाचल में सभी कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि अब सीएम प्रत्याशी का नाम सामने आना चाहिए। फीडबैक भी मिला। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सही समय पर सही फैसला किया है। साल 1998 के चुनाव में तो मतदान से महज 3 दिन पहले मंडी में एक रैली के दौरान लाल कृष्ण आडवाणी ने मेरा नाम सीएम उम्मीदवार के रूप में घोषित किया था।
सवाल : प्रदेश में कई सीटों पर भाजपा को बगावत झेलनी पड़ रही है। बागी कहीं पार्टी का गणित तो नहीं बिगाड़ देंगे?
जवाब : कई नहीं, दो चार सीटों पर ही बगावत है। इनमें से भी कई हलकों जो कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर बगावत करने वालों के साथ चले गए थे, वे वापस पार्टी के काम में लग गए हैं। आशा है कि जो विद्रोही खड़े हैं, वो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में आ जाएंगे।
सवाल : हमीरपुर हलके में आप काफी समय से काम कर रहे थे, ऐन मौके पर पार्टी ने आपका क्षेत्र बदल दिया गया। इससे परेशानी नहीं हो रही?
जवाब : पार्टी ने जब जहां से कहा, वहां से चुनाव लड़ा हूं। चाहे वो लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का। परिसीमन में मेरे विधानसभा क्षेत्र बमसन के 40 बूथ सुजानपुर हलके में गए हैं। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर मुझे 2012 में सुजानपुर से चुनाव लड़ना था। लेकिन पार्टी ने कहा कि आपको हमीरपुर से लड़ना है तो मैं हमीरपुर क्षेत्र से लड़ा। सुजानपुर में तो आधा इलाका बमसन का ही जुड़ा है।
सवाल : सुजानपुर क्षेत्र में कभी आपके राजनीतिक शिष्य रहे राजेंद्र राणा प्रतिद्वंद्वी के तौर पर सामने हैं। इस क्षेत्र में कितनी चुनौती मानते हैं?
जवाब : राजनीति में यह चलता रहता है। हमीरपुर हलके से अब जो भाजपा के प्रत्याशी हैं, वह 2009 में लोकसभा का चुनाव अनुराग ठाकुर के खिलाफ लड़े थे। 2012 में उन्होंने मेरे खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा। 2014 में उन्हें महसूस हुआ कि उनसे गलती हो गई, तो वे वापस आ गए। बाद में उन्हें सुजानपुर से उपचुनाव लड़वाया और विधायक बनवाया। सियासत में यह सब होता है, इसमें कोई नई बात नहीं है।
सवाल : कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणापत्र में पुरानी पेंशन की बहाली, 4-9-14 टाइम स्केल और किसानों के कर्ज माफी जैसे कई वायदे किए हैं। भाजपा के मैनिफेस्टो में ऐसा नहीं है?
जवाब : हमने चुनाव घोषणा पत्र नहीं, दृष्टिपत्र दिया है। उसमें स्पष्ट कहा गया है कि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में जो विसंगतियां रह गई हैं, उन्हें दूर करेंगे। भाजपा हमेशा से कर्मचारी हितैषी रही है। पिछले कार्यकाल में भी हमने 6685 करोड़ के लाभ कर्मचारियों को दिए। चौथा, पांचवां वेतन आयोग हमने लागू किया, अब छठा भी लागू करेंगे। अनुबंध तीन से घटाके दो साल करेंगे। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो कमियां रही हैं, उन्हें दूर करेंगे।
सवाल : सत्ता में आते हैं तो पहले तीन बड़े काम क्या करेंगे?
जवाब : पहला काम होगा, सरकारी सिस्टम में लोगों का विश्वास स्थापित करना। कानून-व्यवस्था की स्थिति को ठीक करना और माफिया राज को खत्म करना। पिछले पांच साल के दौरान प्रदेश में आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। करीब पचास हजार करोड़ के कर्ज में डूबे प्रदेश के हर व्यक्ति पर औसतन 58 हजार का ऋण है। इसे ठीक किया जाएगा। केंद्र सरकार के साथ डबल इंजन लगाकर विकास की गाड़ी को ट्रैक पर लाकर गति देंगे। एक इंजन केंद्र का और दूसरा इंजन प्रदेश में भाजपा सरकार का होगा।