हिमाचल कांग्रेस के कद्दावर नेता वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं और सातवीं बार सीएम का चेहरा घोषित हो चुके हैं। राज्य विधानसभा चुनाव में वे मोदी समेत तमाम दिग्गज भाजपा नेताओं के धुआंधार प्रचार के बीच अपनी ताबड़तोड़ जनसभाओं कर वे अकेले ही कांग्रेस के मोर्चे पर डटे नजर आए हैं। वीरभद्र ने अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण को छोड़कर अर्की से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता सुरेश शांडिल्य ने उनसे बातचीत की। पेश हैं कुछ अंश :
सवाल : आपको जनता क्यों दोबारा सत्ता में लाएगी?
जवाब : हमने अभूतपूर्व विकास किया है। आज जहां भी देखो, वहां तरक्की की बयार बह रही है। हिमाचल के विकास के मॉडल के सामने गुजरात का मोदी मॉडल भी कहीं नहीं टिकता। हमने पिछले पांच साल में हर वर्ग का ख्याल रखा है। हिमाचल को अलग इकाई पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बनाया। इंदिरा गांधी ने इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया। हिमाचल के निर्माण से लेकर इसे तरक्की राह पर ले जाने का काम केवल कांग्रेस ने ही किया है। मोदी सरकार की गलत नीतियों और झूठे वायदों को जनता समझ चुकी है। नोटबंदी, जीएसटी से परेशानी और महंगाई इन सबसे कोई अपरिचित नहीं हैं।
सवाल : हिमाचल में आप कितनी सीटें जीत रहे हैं?
जवाब : हम भाजपा की तरह झूठे दावे नहीं करते। हम 40 प्लस सीटें जीत रहे हैं। निश्चित रूप से कांग्रेस की सरकार फिर सत्ता में आ रही है। मैं पूरे प्रदेश में घूमा हूं। जनता का हमें अपार समर्थन मिल रहा है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे सब वोट डालें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
सवाल : आपने अपने चुनाव घोषणापत्र को काफी लोकलुभावन बनाया है। आपकी सरकार बनी तो 45 हजार करोड़ रुपये का कर्जदार प्रदेश कैसे ये सब वायदे पूरे करेगा?
जवाब : हमने चुनाव घोषणापत्र को सोच-समझकर बनाया है। इस पर विशेषज्ञों की राय ली गई है। हमारे विशेषज्ञों ने सारा हिसाब-किताब करके ही इसे बनाया है। हमने वर्ष 2012 के घोषणापत्र की घोषणाओं को भी तो पूरा किया है। हम आगे भी हर वायदा पूरा करेंगे।
सवाल : राजनीतिक जीवन में आप हाफ सेंचुरी लगा चुके हैं, प्रचार में क्या बदलाव पाया?
जवाब : वर्तमान में भाजपा जिस तरह से दुष्प्रचार कर रही है, उससे हैरानी होती है। खुद पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पीएम की कुर्सी को ये शोभा नहीं देता। अटल बिहारी वाजपेयी भी प्रधानमंत्री रहे हैं। वे सभ्य तरीके से बात करते थे। देश के प्रधानमंत्री हिमाचल पर कीचड़ उछाल रहे हैं। हमने प्रचार का स्तर इतना गिरा हुआ कभी नहीं देखा।
सवाल : धूमल को भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा घोषित किया है, क्या इससे कांग्रेस की मुश्किल बढ़ गई हैं?
जवाब : मैं पहले भी कह चुका हूं कि नरेंद्र मोदी ने जब देखा कि हिमाचल में भाजपा के हालात सही नहीं तो मजबूरी में प्रेमकुमार धूमल को मुख्यमंत्री को आगे किया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
सवाल : भाजपा नेताओं की तुलना में नई दिल्ली से केंद्रीय नेता हिमाचल के लिए चुनाव प्रचार को बहुत कम आए, ऐसा क्यों?
जवाब : राहुल गांधी समेत सभी प्रमुख नेता केंद्र से आए हैं। मगर भाजपा का तो तरीका ही कुछ और है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से बार-बार हिमाचल आते रहे हैं, उससे क्या ये साफ नहीं है कि भाजपा हिमाचल में अपनी स्थिति को लेकर आशंकित रही है। जैसे युद्ध में बमबारी से सबकुछ तहस-नहस किया जाता है। मोदी भी ठीक वैसे ही कर रहे हैं। उन्होंने तमाम साधन हिमाचल में झोंक डाले हैं। सुंदरियों से लेकर पहलवान तक उतार डाले हैं। मगर इससे कुछ नहीं होने वाला।
सवाल : भाजपा ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया, इसका क्या फर्क पडे़गा?
जवाब : पहले भाजपा अपने भ्रष्टाचार को देखे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह ने कैसे 50 हजार रुपये को अल्पकाल में 80 करोड़ में बदल दिया। ये कौन नहीं जानता। वहां सीबीआई, ईडी जांच क्यों नहीं करती? मेरे पीछे तीन-तीन एजेंसियां लगाई गईं। मैं किसी खानाबदोश परिवार से नहीं रहा। मेरे परिवार की ये 123 पीढ़ी है। मेरे पास पैतृक संपत्ति भी है। पहले भी मेरे खिलाफ झूठे मुकदमे बनाए गए। मैं अदालत से आरोपमुक्त हुआ। अब भी वैसे ही षड्यंत्र रचे गए। प्रदेश के लोग मुझे जानते हैं।
सवाल : क्या ये आपका आखिरी चुनाव होगा?
जवाब : वैसे मेरा मूड बदलता रहता है। मैंने तय किया है कि मैं आखिरी चुनाव ही लडूूंगा। इन चुनाव के बाद मैं ये चुनाव लडूंगा नहीं, लड़वाऊंगा।
सवाल : दोबारा सत्ता में आने पर आप किन कार्यों पर फोकस करेंगे?
जवाब : कांग्रेस घोषणापत्र सामने है ही इसे नीतिगत दस्तावेज बनाकर इस पर काम करेंगे। हर वर्ग के लिए वैसे ही काम करता रहूंगा। जैसे आज तक किया है। मैंने कभी भी क्षेत्र, जाति और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं की। मेरा देवी-देवताओं में अपार विश्वास है। उन्हीं के आशीर्वाद और हिमाचल की जनता के सहयोग से हर वह काम करेंगे जो देश के हित के लिए उचित होगा।