विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले नौकरशाह अगली सरकार में अपना रोल तय करने के लिए गणित भिड़ा रहे हैं। वीरभद्र सरकार में अहम पदों पर काबित रहे अफसर इस बात से चिंतित हैं कि सरकार बदली तो उनका क्या होगा, जबकि धूमल कैंप के करीबी इस आस में हैं कि सरकार बदली तो उनके दिन भी बदलेंगे।
नेता प्रतिपक्ष धूमल के शिमला प्रवास के दौरान उनके सरकारी आवास पर चक्कर काटने वाले कुछ अफसर चर्चा का विषय बने हैं। वहीं वीरभद्र के विश्वासपात्रों को उम्मीद है कि मिशन रिपीट होने के साथ उनकी कुर्सियां सुरक्षित रहेंगी।
चुनावी आचार संहिता के बीच सचिवालय सहित तमाम सरकारी दफ्तरों में केवल दैनिक प्रशासनिक कामकाज ही चल रहा है। चुनावी नतीजे आने में अभी एक माह के करीब समय है। ऐसे में अफसरशाही गणित लगा रही है कि किन अधिकारियों के पर कुतरे जाएंगे और किन्हें मलाईदार विभाग मिलेंगे।
पिछले पांच वर्षों में कई अधिकारियों पर ज्यादा भरोसा दिखा गया, जबकि कुछ को साइडलाइन किया गया। मुख्य सचिव तक का पद पिछली सरकार में विवादों में घिरा रहा। कुछ ऐसे अधिकारी भी रहे हैं जिनको जांचें झेलनी पड़ी। अब तमाम ऐसे अधिकारी समय बदलने की उम्मीद लगा रहे हैं।