मतगणना के दौरान ईवीएम और वीवीपैट की गणना ने मेल नहीं खाया तो नतीजा वीवी पैट से तय होगा। यह स्थिति तब आ सकती है जब ईवीएम मशीनों की गिनती के बाद क्षेत्र के किसी एक बूथ के वीवी पैट की पर्चियों की गिनती एक बराबर नहीं आती।
ऐसी स्थिति में वीवी पैट मशीन के आंकड़े को मान्य माना जाएगा। इसके बाद भी अगर प्रत्याशी नतीजे पर आपत्ति जताता है तो रिटर्निंग अधिकारी सभी बूथों की वीवी पैट मशीनों की गिनती दोबारा करवा सकता है। ऐसा तभी होगा जब आरओ प्रत्याशी की अपील से पूरी तरह सहमत है।
पिछले चुनाव में ईवीएम पर उठे सवालों से निपटने के लिए इस बार आयोग ने प्रदेश में पहली बार वीवीपैट मशीनें को चुनाव में शामिल किया है। गड़बड़ी की आशंका को दूर करने के लिए आयोग ने ईवीएम और वीवीपैट के मिलान का प्रावधान रखा है।
हर विधानसभा क्षेत्र के किसी एक पोलिंग बूथ से एक वीवी पैट मशीन को ड्रा के माध्यम से चुना जाएगा। चुने गए बूथ के वीवी पैट में दर्ज मत ईवीएम के कंट्रोल यूनिट से आए मतों के बराबर होने चाहिए। अगर दोनों का आंकड़ा मेल नहीं खाता है तो वीवी पैट का आंकड़ा निर्णायक होगा।