हिमाचल विधानसभा चुनाव परिणाम से भाजपा और कांग्रेस के सीएम प्रत्याशी वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के अलावा कई दिग्गजों का भविष्य तय होगा। चुनाव लड़ने वाले ही नहीं बल्कि लड़वाने वालों की किस्मत ईवीएम तय करेगी। सत्ता पर काबिज होने के लिए भाजपा-कांग्रेस के सियासी गणित ने कई विधानसभाओं में मुकाबले को रोचक बना दिया है।
दोनों ओर से हुए प्रयोगों का केंद्र इस बार कांगड़ा है। दल बदल, नेताओं के पलायन से लेकर नए पुराने चेहरों पर खेला गया दांव कई सीटों की सियासी जंग को हॉट बना रहा है, जिनके आने वाले नतीजों से दिग्गजों की साख जुड़ी है। कांग्रेस से भाजपा में आने वाला पंडित सुखराम परिवार प्रदेश की सियासत की बढ़ी धुरी रही है। सुखराम के बेटे अनिल शर्मा की टक्कर मंडी सीट से ठाकुर कौल सिंह की बेटी चंपा से है। नतीजे दोनों दिग्गजों के सियासी भविष्य से अधिक परिवार के लिए अहम हैं।
अनिल शर्मा की जीत उन्हें भाजपा सरकार में अहम जिम्मेदारी दिला सकती है, जबकि कौल सिंह वीरभद्र का विकल्प बनने वालों में अग्रणी हो जाएंगे। वीरभद्र विरोधी खेमे के माने जाने वाले मंत्री जीएस बाली के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। बाली की जीत हार से कांग्रेस में उनका भविष्य तय होगा। अगले चुनाव में वीरभद्र की जगह लेने वालों की रेस में बाली भी हैं।
कांग्रेस में मंत्री सुधीर शर्मा युवा चेहरा हैं। प्रदेश में कांग्रेस के भविष्य के नेताओं में उनको सबसे आगे माना जाता है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए सुधीर को मजबूत विकल्प माना जाता है। मंत्री आशा कुमारी का हाईकमान में रसूख है। पार्टी के भविष्य की लीडरशिप के तौर पर आशा का दावा भी मजबूत है।
उधर, भाजपा में सांसदों का कद भी नतीजे तय करेंगे। ये देखना रोचक होगा कि वर्ष 2014 के मुकाबले वे कितनी विधानसभाएं अपने संसदीय क्षेत्र से बचा ले जाते हैं। भाजपा में धूमल के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती के लिए यह चुनाव सबसे अहम माना जा रहा है। एक ओर जीत से दूसरी पंक्ति के नेताओं में वे सबसे आगे आ सकते हैं।
ये हैं प्रदेश की हॉट सीटें
अर्की - मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जिला शिमला छोड़ सोलन के अर्की विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने सिटिंग विधायक गोविंद राम शर्मा का टिकट काट नए चेहरे रतन पाल सिंह को उतरा है। अब देखना है कि 6 बार के मुख्यमंत्री के सामने नया चेहरा कितना दमदार साबित होता है।
सुजानपुर - भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल को हमीरपुर से सुजानपुर भेजा है। यहां उनकी टक्कर एक समय के करीबी रहे कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा से होगी। धूमल नई सीट से उतर रहे हैं। दो बार के मुख्यमंत्री धूमल और राणा के बीच टक्कर पर सबकी नजर टिकी है।
मंडी - दल बदल कर भाजपा में आए कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा की टक्कर पुरानी पार्टी कांग्रेस से है। कैबिनेट में उनके सहयोगी ठाकुर कौल सिंह की बेटी चंपा से है। यहां मुकाबला भाजपा और कांग्रेस से अधिक दो राजनीतिक घरानों के बीच ही रहेगा। टक्कर को पंड़ित सुखराम और वीरभद्र की परंपरागत जंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
देहरा - पांच बार के भाजपा विधायक रविंद्र रवि के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा चेहरा विपल्व राज्यसभा सांसद ठाकुर दिया है। यहां निर्दलीय होशियार सिंह ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। वर्ष 2015 में 15 हजार से अधिक मार्जिन से जीते रवि को इस बार निर्दलीय होशियार और विपल्व से कड़ी चुनौती मिली है।
शिमला ग्रामीण - वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वीरभद्र के करीबी माने जाने वाले प्रमोद शर्मा को भाजपा ने अपने पाले में मिला यहां से उतार मुकाबला कांटे का बना दिया है। बेटे के सियासी पारी शुरू करवाने में वीरभद्र की साख इस सीट से जुड़ी है।
जीएस बाली के सामने कूका हैं चुनौती
फतेहपुर - कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री सुजान सिंह पठानिया के सामने भाजपा ने नया चेहरा कृपाल परमार उतरा। भाजपा में रहे और पूर्व सांसद राजन सुशांत और भाजपा के बागी बलदेव सिंह ठाकुर बतौर निर्दलीय मैदान में हैं। इस सीट पर नतीजे को लेकर टकटकी लगी है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जनसभा भी की है।
नगरोटा - कांग्रेस के मंत्री जीएस बाली के सामने पिछली बार के फर्स्ट रनर अप निर्दलीय अरुण कुमार उर्फ कूका भाजपा से हैं। अरुण 2743 वोट से हारे जरूर थे, लेकिन भाजपा का उनपर खेला दांव पिछली बार के त्रिकोणीय मुकाबले को इस बार आमने सामने की टक्कर में तब्दील कर रहा है। राहुल की तीन जनसभाओं से एक इस सीट पर हुई।
पालमपुर - शांता खेमे के नाराजगी की परवाह किये बिना भाजपा ने पूर्व प्रत्याशी प्रवीण शर्मा की जगह नए चेहरे इंदु गोस्वामी को उतारा। इंदु की टक्कर विधानसभा अध्यक्ष बुज बिहारी लाल बुटेल के बेटे आशीष से हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जनसभा भी की है।
धर्मशाला - यहां कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री सुधीर शर्मा की टक्कर भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री किशन कपूर से है। शांता कैंप के कपूर को आखिरी समय में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया। इस सीट से शांता कैंप की साख जुड़ गई है।
चंबा - इस विधानसभा में कांग्रेस का मुकाबला कांग्रेस से दिख रहा है। भाजपा ने सिटिंग विधायक वीके चौहान का टिकट काट कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी पवन नैयर को अपना प्रत्याशी बनाया, जबकि कांग्रेस ने नीरज नैयर को उतारा है। मतदान से पहले धूमल ने चौहान को मना लिया।
शिमला - लगातार दो बार के विधायक सुरेश भारद्वाज की टक्कर कांग्रेस के बागी हरीश जनारथा और पार्टी प्रत्याशी हरभजन भज्जी से है।