हिमाचल विधानसभा चुनावों में सभी हलकों में ईवीएम के साथ पहली बार वीवीपैट का प्रयोग इस बार नतीजों में देरी की वजह बन सकता है। मतगणना के दौरान अगर प्रत्याशी को ईवीएम पर संदेह होता है तो वह वीपीपैट पर्चियों से भी मतों का मिलान करवा सकता है। इसके लिए प्रत्याशी को ठोस कारण बताना होगा।
हालांकि, चुनाव आयोग हर हलके से दो पोलिंग बूथों में ईवीएम से पड़े मतों की वीवीपैट मशीनों की पर्चियों से मिलान करेगा। वीवीपैट की पर्चियों की गिनती मैनुअल ही होगी। मतगणना से पहले अब इसके लिए अलग से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वीवीपैट पर्चियों की मतगणना से संभावित देरी और अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने को लेकर मंगलवार को चुनाव आयोग की जिलाधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में चर्चा की गई। मतगणना में देरी न हो, इसके लिए मंथन किया जा रहा है।
रेंडम तरीके से की जाएगी गिनती
हिमाचल में मतगणना 18 दिसंबर को होनी है। मतगणना की तारीख नजदीक आने के साथ ही चुनाव आयोग ने तैयारियों की समीक्षा भी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से मतगणना की तैयारियों की समीक्षा की। मतगणना में लगने वाले कर्मियों को आयोग के आईटी विशेषज्ञों ने ईवीएम व वीवीपैट की पर्चियों की मतगणना की जानकारी दी।
पहली बार इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजे गए पोस्टल बैलेट की गिनती करने का तरीका भी बताया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में चुनाव आयोग के अतिरिक्त प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी, सभी जिला उपायुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारियों के अलावा रिटर्निगिं अफसर शामिल हुए। सीईओ पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि ईवीएम के साथ पहली बार वीवीपैट का भी इस्तेमाल हुआ है।
ऐसे में हर विधानसभा क्षेत्र की कुछ पोलिंग बूथों पर लगी ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्चियों की भी रेंडम तरीके से गिनती की जाएगी। वीवीपैट पर्चियों की गिनती किस तरह की जानी है इसकी जानकारी भी दी गई है। साथ ही मतगणना स्थलों की सुरक्षा का खाका भी तैयार कर लिया गया है। पोस्टल बैलेट लेने के लिए आठ बजे से पहले का समय तय किया गया है।
कैसे होगी पर्चियों की गिनती
ईवीएम से मतों की गणना आसानी से और जल्दी हो जाती है। वीपीपैट पर्चियों को प्रत्याशी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पुराने बैलेट पेपरों की तरह गिना जाएगा।
जितने वोट जिस प्रत्याशी या दल को ईवीएम में मिले होंगे, उतने ही मत वीवीपैट की पर्चियों में भी होने चाहिए। दोनों का मिलान न होने पर इसकी जांच की जाएगी और उस मशीन को सील कर दिया जाएगा।
क्या है वीपीपैट मशीन
पहली बार ईवीएम के साथ मशीन लगाई गई जिसमें ईवीएम पर दबाए गए बटन वाले चुनाव निशान और प्रत्याशी का नाम उस मशीन में सात सेकेंड तक दिखता है।
इसके बाद वह पर्ची अपने आप मशीन से जुड़े बाक्स में गिर जाती है। इससे प्रत्याशी यह सुनिश्चित कर पाता है कि उसका दिया हुआ वोट सही है या नहीं।