व्हाइट क्रिसमस की आस लेकर शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए फोरलेन का अधूरा कार्य बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। बारिश ने शिमला-चंडीगढ़ मार्ग पर धर्मपुर से परवाणू के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है।
मार्ग पर पड़ी कच्ची मिट्टी भी कई जगह फिसलन का काम कर रही है। बरसात के समय पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहने के बाद निर्माता कंपनी ने पहाड़ से सटी एक लेन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था।
लेकिन पत्थरों के गिरने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। फोरलेन के लिए इन पहाड़ों को सीधी ढलान में काट दिया गया है। कई फीट ऊंची पहाड़ी से भूस्खलन को रोकने के लिए महज चार से सात फीट तक के डंगे लगाए गए हैं। जो लगातार मलबा गिरने की वजह से कई जगह बिल्कुल दफन हो चुके हैं।