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‘जिताऊ चेहरे’ के फॉर्मूले से भाजपा में विरोध के सुर, पार्टी ने निकाला नया तरीका

Tue, 17 Oct 2017 12:27 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, शिमला
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सत्ता में लौटने को बेसब्र भाजपा के प्रत्याशी चयन को अपनाए गए ‘जिताऊ चेहरे’ के फार्मूले से सियासी घमासान मच गया है। प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पहले आ रही सूचनाओं पर ही प्रदेश की कई विधानसभाओं में बगावत की चिंगारी भड़कने लगी है।
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कई जगहों पर संभावित प्रत्याशियों ने आधिकारिक टिकट जारी होने और उन्हें पत्र मिलने का दावा जताकर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ सूची जारी होने से पहले टिकट कटने की सूचना से विरोध की चिंगारी भड़क गई है।

सांसद शांता कुमार के कई करीबी रेस से बाहर हो गए हैं। उनके गृह क्षेत्र पालमपुर में उनकी पसंद का टिकट नहीं मिल रहा है। बगावत के सुर प्रदेश के अन्य जिलों बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी में भी उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मंगलवार को पार्टी में इस्तीफे देने और धरना-प्रदर्शन कर विरोध करने के सुर और तेज होंगे।
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भाजपा ‌का नायाब तरीका

दिल्ली में बीते 48 घंटे तक प्रदेश और केंद्र के नेताओं में लंबी मंत्रणा के बाद सूची फाइनल कर सुरक्षित रख ली गई है। सूची भले ही मंगलवार या बुधवार को जारी हो सकती है, लेकिन सूचनाएं बाहर आने लगी हैं। भाजपा ने पहली बार प्रत्याशी सूची जारी करने से पहले संभावितों को दिल्ली से सूचित करने का नायाब तरीका निकाला है।

जिस तरह से नए चेहरों की चकाचौंध में पुरानों को आईना दिखाने की तैयारी है, उससे असंतुष्टों का बड़ा कुनबा भाजपा नेतृत्व की दिक्कतें बढ़ा सकता है।

प्रत्याशी चयन के परंपरागत फार्मेट को दरकिनार कर जिताऊ प्रत्याशी की तलाश में भाजपा हर दांव चल रही है। घोषणा से पहले ही धर्मशाला से दावेदार किशन कपूर ने सोमवार को विरोध का झंडा बुलंद कर दिया। पालमपुर से पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा की टिकट कटने की सूचना से शांता खेमे में नाराजगी है। 

शांता कुमार की अनदेखी से कार्यकर्ताओं में आक्रोश

बाहरी दावेदार इंदु गोस्वामी के लिए शांता कुमार की अनदेखी से कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया है। बिलासपुर सदर से दावेदार सुरेश चंदेल ने अपना विरोध आलाकमान को दर्ज करवाया है। पैनल से बाहर होने के संकेत उन्हें मिले हैं, जिसके बाद भी वे दिल्ली में डटे हैं।

हमीरपुर से प्रेमकुमार धूमल के सुजानपुर शिफ्ट करने की सूचना के बाद मंडल के दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। झंडूता में सिटिंग विधायक रिखी राम कौंडल का टिकट कटने की सूचना भर से मंडल ने इस्तीफे की चेतावनी दे दी है।

मंडी सदर में कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा के भाजपा में आने से वहां के मंडल ने विरोध दर्ज करवा दिया है। कुल्लू के बंजार से दावेदार खीमी राम का नाम बाहर होने की सूचना से उनके समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया है।
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घोषणा हुई नहीं, पर जश्न तेज

टिकट जारी होने से पहले कई दावेदारों के यहां जश्न का माहौल है। भाजपा में ऐसा पहली बार हुआ है कि सूची जारी करने से पहले ही दावेदार को सूचित कर दिया गया है कि उनका टिकट पक्का है। हिमाचल के लिए तय किया गया ये फार्मूला कितना कारगर होता है, यह समय ही बताएगा।

फिलहाल जिन दावेदारों को टिकट के पक्का होने की सूचना मिली है, उन्होंने अपने नामांकन की तिथि तय कर दी है। सोशल मीडिया पर दून विधानसभा से परमजीत सिंह पम्मी खुद को प्रत्याशी बनाए जाने पर जनता का आभार जता रहे हैं।

नूरपुर में राकेश पठानिया के दिल्ली से लौटने पर कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी के तौर पर स्वागत किया है। फतेहपुर में कृपाल परमार बाहरी होने के बाद अपने पैर जमाने के लिए मंडल की बैठकें ले रहेे हैं। जसवां परागपुर से विक्रम सिंह के समर्थकों ने प्रचार तेज कर दिया है।

पार्टी ने किसी प्रत्याशी को सूचित नहीं किया है कि उनका टिकट तय हुआ है। भाजपा में यह परंपरा नहीं है। मंगलवार को पार्टी आधिकारिक सूची का एलान करेगी। उसके बाद ही तय होने वाले प्रत्याशी नामांकन कर सकते हैं। - थावर चंद गहलोत, प्रदेश चुनाव प्रभारी
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