विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल
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विधानसभा सचिवालय सदन की कार्रवाई के बाद अब विधानसभा की विभिन्न समितियों के कामकाज को भी पेपरलेस करने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के निर्देश पर विधानसभा के सूचना प्रौद्योगिकी विंग ने ई कमेटी नाम का सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। इसकी मदद से समिति की बैठकों की पूरी कार्रवाई को पेपरलेस तरीके से दर्ज किया जाएगा। सॉफ्टवेयर की मदद से अधिकारी समिति के विभिन्न सवालों का जवाब भी देंगे। इस प्रक्रिया से पेपर पर होने वाले खर्च से बचत के साथ विस जाने-आने के दौरान होने वाले खर्च को भी खत्म किया जा सकेगा।
13वीं विधानसभा में इस बार विस की 15 समितियां अलग-अलग विषयों और क्षेत्रों में काम कर रही हैं। इसका अभी तक का सारा कामकाज पेपर पर होता रहा है। पेपर पर काम होने की वजह से कई बार समितियों को अपने ही प्रतिवेदनों और विभागीय उत्तरों के रिकार्ड की देखरेख व कामकाज में निगरानी करने में दिक्कत आती है। समितियों और प्रशासनिक सचिवों को भी लिखित में सवाल जवाब विधानसभा से सचिवालय और सचिवालय से विधानसभा भेजने पर खर्च करना पड़ता है।
कागज और वाहन व लोगों के समय की बर्बादी को बचाने के लिए विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने समितियों के काम को भी पेपरलेस करने की तैयारी की है। विधानसभा अध्यक्ष के निदेशक आईटी धर्मेश कुमार शर्मा ने बताया कि ई समिति सॉफ्टवेयर की मदद से न सिर्फ सवाल-जवाब करने में आसानी होगी, बल्कि पुराने मुद्दों, इश्योरेंस और ऑडिट पैरा पर जवाबों की निगरानी भी आसान होगी। इससे लाखों का सालाना का खर्च भी कम होगा।
ई विधानसभा प्रबंधन पर भी चल रहा काम
शर्मा ने बताया कि ई समिति के अलावा ई विधानसभा क्षेत्र प्रबंधन नाम के सॉफ्टवेयर की मदद से हर विधायक के क्षेत्र से संबंधित हर गतिविधि की भी निगरानी की जा सकेगी। बताया कि सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ एक बैठक कर उन्हें इन दोनों ही सॉफ्टवेयर और इनके जरिये कामकाज की जानकारी देंगे। इस कार्यशाला के बाद विधानसभा में लिखित जवाब ऑनलाइन ही फाइल होंगे और विधानसभा सचिवालय पेपर पर जवाब स्वीकार नहीं करेगा।