पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और पूर्व विधायक रवि ठाकुर पर अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का दबाव है तो अनुराधा राणा राजनीतिक जमीन बनाने की जुगत में है।
शीत मरुस्थल यानी लाहौल-स्पीति में हो रहे विधानसभा उपचुनाव में दो दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और पूर्व विधायक रवि ठाकुर पर अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का दबाव है तो अनुराधा राणा राजनीतिक जमीन बनाने की जुगत में है। वर्ष 2022 में कांग्रेस से विधायक बने रवि ठाकुर को इस बार भाजपा ने अपना योद्धा बनाया है। टिकट न मिलने से नाराज पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। कांग्रेस ने युवा महिला अनुराधा राणा पर दांव खेला है। टिकट सबसे पहले फाइनल होने से रवि को डैमेज कंट्रोल करने के लिए काफी वक्त मिला, लेकिन मारकंडा और अनुराधा ने भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार इस जिले की राजनीति में भी बदलाव हुआ है। टिकट न मिलने पर पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लाहौल -स्पीति में प्रचार करना भौगोलिक स्थिति के चलते बेहद मुश्किल है। फिर भी तीनों प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
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अनुराधा हालांकि सभी टिकटार्थियों को साथ लेकर चल रही हैं, लेकिन भितरघात का भय भी कम नहीं है। टिकट मिलने में देरी के कारण कम समय में हर मतदाता को साधने के उन्होंने प्रयास किया। रवि ठाकुर अब भाजपा के प्रत्याशी हैं। कुशल चुनाव प्रबंधन के साथ टिकट जल्दी मिलने से उन्हें प्रचार के लिए माकूल वक्त मिला। लेकिन पार्टी बदलने के कारण चुनाव जीतना उनके लिए बड़ी चुनौती है। डॉ. मारकंडा की हिविकां से अब तक के सफर में अपने वोटबैंक पर मजबूत पकड़ है। अब अपने समर्थकों के सहारे वह चुनावी मैदान में है। यहां स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सब्जी मंडी खोलने, पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाना जैसे मुद्दे हैं। यहां प्रचार के लिए राष्ट्रीय स्तर का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा है। कांग्रेस से मुख्यमंत्री सुक्खू और भाजपा से पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने यहां पर चुनाव प्रचार किया है।