बड़सर में टिकट के लिए त्रिकोणीय स्पर्धा है। तीन प्रत्याशियों में से एक के नाम पर मोहर लगाई जानी है। कांग्रेस पार्टी ने अभी विधानसभा उपचुनाव की तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। गगरेट से राकेश कालिया, कुटलैहड़ से विवेक और सुजानपुर से कैप्टन रंजीत राणा पर दांव खेला गया है। इसी तरह कांग्रेस अन्य तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में बिना किसी अंतर्विरोध के मजबूत प्रत्याशी उतारने चाह रही है। हालांकि इसको लेकर नाराज होने वाले समर्थकों से विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है। कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी घोषित करने से पहले रुष्ट होने वाले कांग्रेसियों के पीछे राजनीतिक जानकार लगाए हैं। कहा जा रहा है कि अगर ऐसा होता है तो उनकी क्या राय है।
उल्लेखनीय है कि धर्मशाला से सुधीर शर्मा को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस के देवेंद्र जग्गी का नाम प्रत्याशी को लेकर सामने आया है। इसके बाद भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रहे राकेश चौधरी के भी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की अटकलें शुरू हुई हैं। वहीं, लाहौल स्पीति उपचुनाव में रवि ठाकुर को भाजपा का टिकट दिए जाने से पूर्व में भाजपा के प्रत्याशी रहे रामलाल मारकंडा और उनके समर्थक नाराज हैं। मारकंडा कांग्रेस में जाने की संभावना पर भी इशारा कर चुके हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ने की भी उन्होंने बात कही है। इसी तरह बड़सर विधानसभा उपचुनाव के लिए संजय, शर्मिला पटियाल और पूर्व विधायक मनजीत डोगरा के नाम पैनल में शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी इसको लेकर भी कार्यकर्ताओं की राय ले रही है। इसके बाद ही एक नाम पर मोहर लगाई जानी है।
गगरेट और सुजानपुर में विरोध नहीं
भाजपा से कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए राकेश कालिया को लेकर कार्यकर्ताओं में कोई विरोध नहीं था, वहीं सुजानपुर में भी कैप्टन रंजीत सिंह राणा पर भी कांग्रेस में एक राय बनी है। दोनों नेता भाजपा से कांग्रेस में आए हैं। गगरेट के राकेश कालिया भाजपा से पहले कांग्रेस पार्टी में ही थे।
पार्टी में संगठन को तरजीह : चौहान
शिमला। कांग्रेस के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी में संगठन को तरजीह दी जाती है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू स्वयं संगठन से निकले हुए हैं। भाजपा से कई लोग आने को तैयार हैं लेकिन प्राथमिकता पार्टी के लोगों के लिए है। विधानसभा उपचुनाव की तीनों सीटों पर जल्द प्रत्याशी घोषित होंगे। सर्वे के आधार पर जीतने वाले प्रत्याशियों को उतारा जाएगा।