सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भले ही धर्मशाला से अपनी करीबी पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी को चुनावी चेहरा बनाया है लेकिन, हकीकत में इस जंग को वह भी लड़ रहे हैं। उन्होंने चुनावी रणनीति से लेकर प्रचार और उसके प्रबंधन की कमान अपने हाथों में ले रखी है। सुधीर को हराने के लिए विधायकों और मंत्रियों की टीम भी फील्ड में उतार रखी है। सुधीर शर्मा पर बिकाऊ विधायक और पार्टी व जनता से धोखेबाजी के आरोप लगाकर सुक्खू चुनावी माहौल कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, ओपीएस, महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने की बात करने के अलावा अब युवाओं को अग्निवीर योजना की खामियां गिना रहे हैं।
चार बार विधायक एवं एक बार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा अपने सियासी अनुभव और भाजपा के संगठन के दम पर कांग्रेस की हर रणनीति को फेल करने में लगे हैं। सुधीर की जनता, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि धर्मशाला का स्थायी कैंपस समेत विस क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट्स की अनदेखी के मुद्दा जनता के बीच प्रभारी ढंग से उठा रहे हैं। सुधीर शर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र सिंह जग्गी में सीधी चुनावी जंग मानी जा रही है। लेकिन पूर्व भाजपा प्रत्याशी राकेश चौधरी भी बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मतदाताओं को साधने में लगे हुए हैं। एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी सतीश कुमार भी जनसंपर्क अभियान में सक्रिय हैं। चार जून को चुनाव नतीजों के साथ ही असल में स्थिति स्पष्ट होगी।