ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा है कि पावर कॉर्पोरेशन को कई तरह से व्यवहार्य नहीं होने वाले प्रोजेक्ट मिलते हैं। प्रश्नकाल के दौरान विधायक रोहित ठाकुर के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पानी की मात्रा कम होने से सावड़ा कुड्डू परियोजना में बिजली उत्पादन कम हो रहा है। स्थानीय लोगों के दखल, कोर्ट केस के कारण परियोजना लागत बढ़ती है।
मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि सावड़ा कुड्डू बिजली परियोजना का शिलान्यास 19 जून 2005 को हुआ था। परियोजना पर 2186 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।
बिजली का उत्पादन 21 जनवरी 2021 को आरंभ हुआ। सरकार को इस परियोजना से 8 फरवरी 2022 तक 132.55 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसमें से पावर कॉर्पोरेशन को 115.32 करोड़ और सरकार को 17.23 करोड़ की आय हुई है। डीपीआर के अनुसार बिजली उत्पादन की क्षमता 385.78 मिलियन यूनिट है। बीते एक वर्ष में 306.87 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। नदी में डीपीआर प्रावधान की तुलना में पानी के कम डिस्चार्ज के कारण बिजली उत्पादन कम हुआ है।
अप्रैल से प्रदेश में लगाए जाएंगे हैंडपंप : महेंद्र
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि अप्रैल से प्रदेश में हैंडपंप लगाने का काम शुरू हो जाएगा। विभाग की ओर से जिन-जिन क्षेत्रों के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट दी गई है, वहां हैंडपंप लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 65 क्षेत्रों के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट दी गई है। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में हैंडपंप नहीं लगाए जाने का मामला उठाया।
सुंदरनगर बस अड्डे में इंटर लाकिंग टाइल डालने पर खर्च होंगे 1.98 करोड़ रुपये
वहीं, सुंदरनगर बस अड्डे में इंटर लाकिंग टाइल डाली जाएगी। इस पर प्रदेश सरकार 1.98 करोड़ खर्च करेगी। राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। अमर उजाला अखबार ने (पानी की निकासी न होने से टूटा सुंदरनगर बस अड्डा) खबर को प्रकाशित किया था। मंगलवार को सुंदरनगर भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने नियम - 62 के तहत विधानसभा में यह मामला उठाया। इस पर परिवहन मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है कि बस अड्डा सुंदरनगर में पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाइप बिछाए गए हैं। इससे बस अड्डे पर इकट्ठे पानी को सीधा खड्ड में भेजा जाता है। बरसात के चलते पाइप में कूड़ा फंस जाता है। दूसरी ओर बस अड्डे के बाहर उच्च राष्ट्रीय मार्ग -21 गुजरता है, जिसकी ढलान बस अड्डे की ओर है। ऐसे में पानी बस अड्डे पर आता है। बस अड्डे का परिसर भी उखड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस अड्डे के साथ एक पार्क है, जिसमें कुछ पेड़ हैं। इनको हटाना आवश्यक है। क्षेत्रीय प्रबंधक सुंदरनगर ने वन विभाग से यह मामला उठाया है।