अमर उजाला के इस बड़े खुलासे के बाद केंद्रीय एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। सूत्रों ने बताया कि पीएमओ मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कोरोना रिपोर्ट को लेकर नजर बनाए हुए हैं। आईबी भी पीएम के कार्यक्रम से पहले किन-किन लोगों के टेस्ट हुए, इसकी पड़ताल में जुटी है।
सूत्रों का कहना है कि पीएमओ और एसपीजी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगाें को टेस्ट कराने को कहा था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि हिमाचल में कई लोगों के टेस्ट नहीं कराए। ऐसा माना जा रहा है कि सिर्फ इसलिए टेस्ट नहीं हुए कि अगर संक्रमित ज्यादा आए तो कार्यक्रम टल न जाए।
वहीं, विधायक सुरेंद्र शौरी के संक्रमित होने की सूचना न देने पर सरकार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू को लताड़ लगाई है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ से इसका कारण पूछा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी इसकी जानकारी नहीं थी, उन्हें भी 3 अक्तूूबर को ही विधायक के संक्रमित होने की सूचना मिली है, जबकि शौरी की कोरोना संक्रमित रिपोर्ट 2 अक्तूबर को आ गई थी।
3 अक्तूबर को सूचना मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री क्वारंटीन हुए हैं। सरकार ने सीएमओ कुल्लू को विधायक के संपर्क में आए लोगों के टेस्ट लेने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ सैंपल लेने में लगाने को कहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सीएमओ से इस बारे पूछा गया है। संक्रमित विधायक के प्राइमरी संपर्क में आने वालों का पांच दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है।