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हिमाचल: सैंपल देने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ से मिलने पहुंचे थे विधायक शौरी

Wed, 07 Oct 2020 03:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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रक्षामंत्री के पीछे खड़े विधायक शौरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन कार्यक्रम में एक और बड़ी चूक सामने आई है। कोरोना का सैंपल देने के बाद बंजार से विधायक सुरेंद्र शौरी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिलने भी पहुंचे थे। यह तब हुआ जब सामान्य रूप से किसी भी व्यक्ति का टेस्ट होने के बाद रिपोर्ट आने तक उसे आइसोलेट होना होता है। रक्षामंत्री के साथ मुलाकात के दौरान की एक फोटो खुद शौरी ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की है। इस फोटो में विधायक शौरी रक्षामंत्री राजनाथ के ठीक पीछे खड़े थे। इस खुलासे के साथ ही अब देश के रक्षामंत्री भी कोरोना पॉजिटिव विधायक सुरेंद्र शौरी के प्राइमरी कांटेक्ट की सूची में शामिल हो गए हैं। उधर, प्रधानमंत्री मोदी के संक्रमित विधायक के सेकेंडरी संपर्क में आने के अमर उजाला में हुए खुलासे से हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि इसी मुलाकात के बाद शाम को शौरी के कोरोना पॉजिटिव आने की जानकारी सामने आ गई थी। इसके बावजूद विधायक से लेकर जिला प्रशासन के किसी भी अफसर ने एसपीजी या उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी।

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यही वजह है कि इस मुलाकात के अगले दिन शौरी तो कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे, लेकिन उनके प्राइमरी कांटेक्ट में आने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 3 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ टनल उद्घाटन समारोह के दौरान साथ-साथ रहे। इसके अलावा वन मंत्री राकेश पठानिया, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा भी रक्षामंत्री के साथ मिले। जाहिर है अब इस बड़ी चूक की वजह से प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर कोरोना का साया और गहरा गया है। उधर, कांग्रेस ने इस मामले में विधायक पर केस दर्ज करने की मांग उठाई है। कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन और विक्रमादित्य ने सीएम से सवाल किया है कि विधायक के संक्रमित होने की जानकारी क्यों छिपाई गई। मुख्यमंत्री का कोरोना टेस्ट बुधवार को होगा। इसकी रिपोर्ट पर ही 9 अक्तूबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक निर्भर होगी।

गुप्तचर एजेंसियों ने भी शुरू की पड़ताल

अमर उजाला के इस बड़े खुलासे के बाद केंद्रीय एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। सूत्रों ने बताया कि पीएमओ मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कोरोना रिपोर्ट को लेकर नजर बनाए हुए हैं। आईबी भी पीएम के कार्यक्रम से पहले किन-किन लोगों के टेस्ट हुए, इसकी पड़ताल में जुटी है।

सूत्रों का कहना है कि पीएमओ और एसपीजी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगाें को टेस्ट कराने को कहा था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि हिमाचल में कई लोगों के टेस्ट नहीं कराए। ऐसा माना जा रहा है कि सिर्फ इसलिए टेस्ट नहीं हुए कि अगर संक्रमित ज्यादा आए तो कार्यक्रम टल न जाए।
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विधायक के संक्रमित होने की सूचना न देने पर सीएमओ कुल्लू पर कार्रवाई संभव

वहीं, विधायक सुरेंद्र शौरी के संक्रमित होने की सूचना न देने पर सरकार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू को लताड़ लगाई है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ से इसका कारण पूछा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी इसकी जानकारी नहीं थी, उन्हें भी 3 अक्तूूबर को ही विधायक के संक्रमित होने की सूचना मिली है, जबकि शौरी की कोरोना संक्रमित रिपोर्ट 2 अक्तूबर को आ गई थी।

3 अक्तूबर को सूचना मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री क्वारंटीन हुए हैं। सरकार ने सीएमओ कुल्लू को विधायक के संपर्क में आए लोगों के टेस्ट लेने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ सैंपल लेने में लगाने को कहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सीएमओ से इस बारे पूछा गया है। संक्रमित विधायक के प्राइमरी संपर्क में आने वालों का पांच दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है। 
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