दस जुलाई को शुरू हुई थी यात्रा
10 जुलाई को आधिकारिक तौर पर शुरू हुई श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान इस वर्ष यह पहली मौत हुई है। यात्रा 23 जुलाई तक चलेगी। गौरतलब है कि हर साल इस कठिन यात्रा में खतरनाक रास्तों, ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक ठंड के कारण कई यात्री अपनी जान गंवाते हैं। आंकड़ों के अनुसार 2014 से अब तक इस यात्रा में 42 मौतें हो चुकी हैं, जबकि गत वर्ष ही पांच यात्रियों की मौत श्रीखंड यात्रा के दौरान हुई थी। अब तक हुई मौतों के आंकड़ों में मरने वालों में 18 से 35 वर्ष के युवा अधिक हैं। यात्रा बेहद कठिन है। इसके बावजूद महादेव के भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है।
2023 में तीन दिन बाद ही रोकनी पड़ी थी यात्रा
गौर हो कि वर्ष 2023 में श्रीखंड महादेव यात्रा 7 से 20 जुलाई तक प्रस्तावित थी, लेकिन इस दौरान ग्लेशियर पिघलने की घटना में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसके बाद लगातार भारी वर्षा के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ और रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 जुलाई को ही यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी और लगभग 750 श्रद्धालुओं को प्रशासन ने सुरक्षित बेस कैंप तक पहुंचाया था।