बैंक खातों की आधार सीडिंग तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यार्थी की छात्रवृत्ति किसी कारण से जारी नहीं हो पाती है तो संबंधित छात्र और शिक्षण संस्थान को दो माह के भीतर कारणों सहित सूचना देना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में छात्र हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा है कि छात्रवृत्ति लंबित होने के कारण किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता। न ही उसे छात्रावास से निकाला जा सकता है, कक्षाओं में बैठने से वंचित किया जा सकता है और न ही उसकी अंकतालिका या डिग्री रोकी जा सकती है। अदालत ने ऐसे मामलों में शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, हेड ऑफ इंस्टीट्यूशन और इंस्टीट्यूट नोडल अधिकारियों को लंबित विद्यार्थियों की सूची के अनुसार बैंक खातों की आधार सीडिंग तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि आधार सीडिंग में लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पीएम-यशस्वी योजना में सबसे ज्यादा लंबित मामले
चार वर्षों के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 11,311 मामले पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित हैं, जबकि पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक योजना के 6,795 मामले अभी भी निपटारे की प्रतीक्षा में हैं। एससी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के 9,578 तथा एससी पोस्ट-मैट्रिक के 3,162 मामले भी लंबित सूची में शामिल हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 15,078 छात्रवृत्ति मामले लंबित रहे। इनमें पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 7,097 और पोस्ट-मैट्रिक के 4,367 मामले शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार से सीमित अनुदान मिलने के कारण भी कुछ पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो सका। वर्ष 2025-26 में अब तक 12,778 छात्रवृत्ति आवेदन आधार सीडिंग न होने के कारण लंबित हैं। इनमें एससी प्री-मैट्रिक के 4,524, पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 3,599 और पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक के 1,665 मामले प्रमुख हैं।